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सीमा के हालात तय करेंगे डीजी स्तर की बातचीत की सफलता

Sun, 13 Sep 2015 09:05 AM IST
Updated Sun, 13 Sep 2015 09:05 AM IST
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Indo-Pak DG level talk ends with the hope of peace

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशकों (डीजी) के बीच सीमा पर शांति बहाल करने संबंधी तीन दिवसीय वार्ता की सफलता अंतरराष्ट्रीय सीमा के हालात तय करेंगे। हालांकि शनिवार को सहमतियों पर हस्ताक्षर के साथ खत्म हुई दोनों पक्षों की बातचीत को एक सफल मुलाकात माना जा रहा है।

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बीएसएफ का मानना है कि सीमा पर दोनों तरफ से बंदूक का शांत होना ही सफलता का लिटमस टेस्ट होगा। आईबी की निगरानी करने वाले बलों की इस मुलाकात के दोस्ताना तेवर को देखते हुए भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी शांति की बातचीत का रास्ता साफ होने लगा है।
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अब दोनों देशों के मिलिट्री आपरेशन के महानिदेशक (डीजीएमओ) जल्द ही बातचीत की मेज पर बैठेंगे। डीजीएमओ मुलाकात की तैयारी में जुटे अधिकारी के मुताबिक इसकी तारीख जल्द ही तय हो जाएगी।
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अविवादित सीमा आईबी पर दोनों देशों के अर्धसैनिक बल निगरानी करते हैं। जबकि विवादित एलओसी पर भारत और पाकिस्तान की सेना तैनात है।

सीजफायर पर है करार

Indo-Pak DG level talk ends with the hope of peace

एलओसी पर 1993 में दोनों देशों ने सीजफायर करार किया था। लेकिन पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है। इसकी मुख्य वजह भारतीय सेना को जवाबी कार्रवाई में उलझाकर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को घुसपैठ कराना है।

बीएसएफ के डीजी डीके पाठक और पाक रेंजर्स के डीजी मेजर जनरल उमर फारूख बुरकी के बीच यह तय हुआ है कि दोनों बलों के महानिदेशकों की अगली मुलाकात पाकिस्तान में 2016 की शुरुआत में होगी। इस बातचीत में आईबी पर शांति के तमाम उपायों पर सहमति के साथ सीमावर्ती गांवों को निशाना नहीं बनाने संबंधी करार हुआ।

बुरकी ने यह माना है कि कई बार फायरिंग गफलत और अंदेशे में की जाती है। इसके उपाय के लिए फील्ड स्तर पर आपसी बातचीत के सभी चैनल खोलने पर सहमति बनी।

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