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...तो तब पाक के परमाणु अड्डों को उड़ा देतीं इंदिरा गांधी

Tue, 01 Sep 2015 11:27 AM IST
Updated Tue, 01 Sep 2015 11:27 AM IST
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Indira Gandhi wanted to attack on Pakistani nuclear Plants

पाकिस्तान की बढ़ती परमाणु शक्ति ने 1980 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के माथे पर बल ला दिया था। पाक को इससे रोकने के लिए इंदिरा ने वहां के परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के लिए सैन्य कार्रवाई करने का भी मन बना लिया था।

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हालांकि उन्होंने ऐसा करने की बजाय पहले पाक की गतिविधियों पर नजर रखना बेहतर समझा। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
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‘पाक में परमाणु विकास को लेकर भारत की प्रतिक्रिया’ नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इंदिरा गांधी सरकार पाक के परमाणु हथियारों को बनाने के लिए किए जा रहे परमाणु कार्यक्रमों से चिंतित थी। इसी समय अमेरिका द्वारा पाक को एफ-16 लड़ाकू विमान भी दिए जाने थे। जिससे उनकी चिंता और भी बढ़ गई थी। 
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पाक की बढ़ती परमाणु गतिविधियों से चिंतित थी इंदिरा

Indira Gandhi wanted to attack on Pakistani nuclear Plants

8 सितंबर, 1981 की इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अगर अगले दो-तीन महीने में भारत की चिंता बढ़ती ही जाती है, तो संभव है कि गांधी पाकिस्तान परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के लिए सैन्य कार्रवाई करने का आदेश दे दे।

’रिपोर्ट के मुताबिक उस समय इंदिरा गांधी ने सैन्य कार्रवाई करने की बजाय भारतीय परमाणु परीक्षण को हरी झंडी देना ज्यादा माकूल समझा।

हालांकि सरकार ने शांतिपूर्ण परमाणु धमाका प्रोग्राम चलाने को क्षेत्र में देश की छवि को नुकसान पहुंचने के तौर पर आंका। साथ ही सरकार ने यह भी सोचा कि पाक परमाणु गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। ऐसे में भारत ने पाक की गतिविधियों पर नजर रखना ही सही समझा।

परमाणु कार्यक्रम शुरू करने की तरफ था इंदिरा का रुझान
सीआईए की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंदिरा का रुझान सैन्य कार्रवाई की बजाय परमाणु कार्यक्रम तैयार करने की तरफ ज्यादा था। इसकी तैयारी के लिए अधिकारियों के बीच सर्कुलेशन भी भेजा दिया गया था। हालांकि इंदिरा के परमाणु कार्यक्रम को अधिकृत करने के बारे में आदेश देने की कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।

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