प्रियंका को अपना राजनीतिक वारिस मानती थीं इंदिरा गांधी
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी हत्या से कुछ दिन पहले निकट सहयोगी एम.एल फोतेदार से कहा था कि प्रियंका गांधी उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी हो सकती हैं।
इंदिरा गांधी के आखिरी दिनों के बारे में खुलासा करते हुए फोतेदार ने कहा कि वो अक्टूबर 1984 के आखिर में कश्मीर गई हुई थी। उन्होंने हिन्दू और मुस्लिम श्राइन जाने की इच्छा भी जताई थी।
फोतेदार ने ये बाते आगामी 30 अक्टूबर को आने वाली अपनी किताब 'चीनार लीव्स' में लिखी है। वहीं इस किताब में फोतेदार, नटवर सिंह के उस दावे का समर्थन करते भी नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि 2004 में सोनिया ने अंतरआत्मा की आवाज नहीं बल्कि पारिवारिक दबाव में प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था। (फोटो IndiaHistorypic से साभार)
इस बात के भी हैं संकेत
अंग्रेजी अखबार The Times Of India के अनुसार फोतेदार ने कहा कि 'एक हिन्दू के श्राइन में जाकर उन्हें इस बात के संकेत मिले कि उनका जीवन जल्द ही खत्म होने वाला है। जब वो श्राइन से रेस्ट हाउस की ओर लौट रही थी तो उन्होंने यह बात कही।'
इसी दौरान इंदिरा ने यह भी कहा कि 'प्रियंका राजनीति में सफल हो सकती है और सत्ता में लंबे समय तक रहेगी।' फोतेदार ने इस संबंध मे सोनिया गांधी को 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद बताया कि इंदिरा गांधी, प्रियंका के बारे में क्या राय रखती थी।
फोतेदार के ये खुलासे इस बात के संकेत भी माने जा रहे हैं कि वे अपने और सोनिया के बीच के रिश्तों में पड़ी दरार को भी खत्म करना चाहते हैं।
उन्होंने इस बात का खुलासा भी किया है कि 1999 में जब सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को पीएम बनाने की बात की थी तो माधवराव सिंधिया इससे नाराज हुए थे।