फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   indias strong position in chumar is problem for china.

भारत की मजबूती से परेशान चीन दिखा रहा दबंगई

Sun, 21 Sep 2014 07:47 AM IST
एजेंसी, गुंजन कुमार/लेह, लद्दाख, नई दिल्ली
एजेंसी, गुंजन कुमार/लेह, लद्दाख, नई दिल्ली Updated Sun, 21 Sep 2014 07:47 AM IST
विज्ञापन
indias strong position in chumar is problem for china.

लद्दाख के चुमार और डेमचक में सामरिक लिहाज से भारत की मजबूत स्थिति ने चीन को परेशान कर रखा है। यही वजह है कि चीन पिछले कुछ सालों से इन क्षेत्रों में बार-बार घुसपैठ कर भारत को दबाव में रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

विज्ञापन


ताजा मामले में चुमार में भारत के कड़े रुख के चलते चीनी सेना तिलमिलाई हुई है। चुमार और उससे करीब 40 किलोमीटर दूर डेमचक में मजबूत स्थिति में तैनात भारतीय सेना ने सरकार को कूटनीतिक  रास्ते से हल निकालने की सलाह दी है।
विज्ञापन


दो असफल फ्लैग मीटिंग के बाद हाथ खड़े कर चुके सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बता दिया है कि अगर दोनों सेनाएं पीछे नहीं हटीं तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चीनी सेना आखिर क्यों बौखलाई?

indias strong position in chumar is problem for china.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया है कि बैक चैनल बातचीत के जरिए अगले तीन से चार दिन में हालात सामान्य हो जाने की संभावना है। सेना के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की इन दो जगहों पर भारत की मजबूत स्थिति और चुमार के विवादित क्षेत्र में उसके सड़क निर्माण पर भारत के कड़े ऐतराज से चीनी सेना इस तरह बौखला गई कि वह अपने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सलाह भी नहीं मान रही।

गौरतलब है कि मोदी-जिनपिंग वार्ता के दौरान उठे इस मुद्दे के बाद ढीली पड़ी चीनी सेना कुछ ही घंटों के बाद फिर उग्र हो गई। सूत्रों के मुताबिक चुमार में सामरिक लिहाज से अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण 30-आर नाम की जगह पर भारतीय सेना 14600 फीट की उंचाई पर है। जबकि चीनी सेना करीब दो हजार फुट नीचे है। सूत्रों ने बताया कि उधर डेमचम क्षेत्र में भारत ने दौलत बेग ओल्डी और नियोमा में दो एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाकर चीन की स्थिति को कमजोर कर दिया है।

इन्हीं कारणों से चीन ताजा कार्रवाई में डेमचक में पिछले दिनों अपने गांव के लोगों को ट्रकों में लादकर वहां बिठा दिया, जहां भारत के गांव वाले सिंचाई के लिए अस्थायी निर्माण कर रहे थे। चीन की इस कार्रवाई पर भारतीय सेना और आईटीबीपी चुमार में चीन के सड़क निर्माण पर अड़ गई है। सूत्र ने बताया कि अब गेंद विदेश मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय बैक चैनल बातचीत के जरिए दोनों सेनाओं को 10 सितंबर से पहले वाली स्थिति में लाने की कोशिश में है।

चुमार में एक और चीनी घुसपैठ

indias strong position in chumar is problem for china.

पिछले दो दिनों में चीनी सैनिकों के दुबारा घुसपैठ करने के कारण चुमार क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। सूत्रों ने बताया कि नौ वाहनों में सवार होकर पीएलए के 50 सैनिक चुमार के 30आर प्वांइट पर पहुंच गए। ये जवान इस जगह पर पहले से ही कैंप कर रहे 35 चीनी सैनिकों के अलावे हैं। वे भारतीय सेना की स्थिति से करीब 100 मीटर दूर हैं। चुमार की एक दूसरी जगह से बृहस्पतिवार रात में लौटने वाले पीएलए के सैनिकों में 35 30आर प्वाइंट पर जम गए थे।  

हिंद महासागर में भारत-चीन के बीच होड़

भले ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा बेहद उत्साहजनक रहा हो, मगर चीन की पूर्व में की गई पैंतरेबाजियों से भारत वाकिफ है। हिंद महासागर से होकर ही चीन का 80 फीसदी, भारत का 65 फीसदी और जापान का 60 फीसदी तेल गुजरता है। इसीलिए इन देशों के बीच हिंद महासागर में होड़ मची हुई है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल कहते हैं, ‘भारत और अमेरिका के साथ-साथ चीन भी हिंद महासागर में बड़ी भूमिका निभाना चाहता है। वह अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।’

वैसे भी जिनपिंग ने भारत दौरे से पहले हिंद महासागर के राष्ट्रों का दौरा किया था। वह पहले मालदीव गए जहां के पर्यटन में चीन अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है। इसके बाद जिनपिंग श्रीलंका गए, जहां चीन सबसे बड़ा निवेशक है। चीन श्रीलंका में हंबनटोटा नाम का काफी बड़ा बंदरगाह बना चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed