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नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं लोग, सर्वे में हुआ खुलासा

Wed, 02 Apr 2014 02:56 PM IST
Updated Wed, 02 Apr 2014 02:56 PM IST
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indians want change in leadership after poll

अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर के इस सर्वे के अनुसार लड़खड़ाती अर्थव्यव्था के बावजूद लोग अपनी निजी वित्तीय स्थिति से खुश हैं और देश के साथ ही अगली पीढ़ी की आर्थिक स्थिति के बारे में आशावान हैं।

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सर्वे के मुताबिक चीन के प्रति भारतीयों की भावनाएं मिली-जुली हैं लेकिन पाकिस्तान के प्रति वह चौकन्ने हैं। हालांकि वह चाहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के संबंध बेहतर हों।
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प्यू रिसर्च सेंटर ने सात दिसंबर 2013 से 12 जनवरी 2014 के बीच कराए इस सर्वेक्षण में 2,464 लोगों को शामिल किया था और उनसे आमने-सामने साक्षात्कार लिए गए थे।

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लोग मौजूदा हालात से संतुष्ट नहीं हैं

indians want change in leadership after poll

सर्वे के मुताबिक़ 70 प्रतिशत भारतीय देश के मौजूदा हालात से संतुष्ट नहीं है जबकि 29 प्रतिशत लोगों ने इस पर संतुष्टि जताई।

असंतुष्टि और संतोष का यह फ़र्क उन लोगों में भी था, जो चाहते थे कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में अगली सरकार बने और उन लोगों में भी था जो चाहते थे कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ वर्तमान यूपीए गठबंधन ही अगली सरकार बनाए।

सर्वे कहता है कि तीन में से एक आदमी (63% में से 19%) चाहता है कि कांग्रेस नहीं भारतीय जनता पार्टी अगली सरकार का नेतृत्व करे।

चीन ले सकता है अमेरिका का स्‍थान

indians want change in leadership after poll

हालांकि आर्थिक मंदी के बाद भी आधे से अधिक भारतीय (57%) देश के आर्थिक प्रदर्शन को 'ठीक-ठाक' बताते हैं और दो तिहाई नागरिक (64%) उम्मीद करते हैं कि देश के बच्चे युवा होकर आज की पीढ़ी से बेहतर रहेंगे।

सर्वे में चीन को लेकर भारतीयों का मत विभाजित नज़र आया। 35% उसे पसंद करते हैं जबकि 41% नापसंद। और चीन के मुकाबले अमेरिका के प्रति भारतीय 21% ज़्यादा सकारात्मक हैं।

करीब चार में एक भारतीय (47% में से 12%) भारतीयों का कहना है कि चीन के बजाय अमेरिका दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हालांकि एक तिहाई भारतीय मानते हैं कि चीन अमेरिका को हटाकर दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बन गया है, या बन जाएगा।

आतंकवाद से सबको डर

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करीब 10 में से नौ भारतीय आतंकवाद को देश के लिए बहुत बड़ी समस्या मानते हैं। दो तिहाई मानते हैं कि इस्लानमिक चरमपंथी समूह भारत के लिए मुख्य खतरा हैं और करीब दस में से छह लोगों को डर था कि ऐसे समूहों पर पाकिस्तान नियंत्रण कर सकता है।

कुल मिलाकर सिर्फ़ 19% भारतीयों ने पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक नज़रिया दिखाया और भार के लिए सबसे बड़े ख़तरे के रूप में पाकिस्तान, चीन, लश्कर-ए-तैयबा और नक्सलियों में से 47 % ने पाकिस्तान को चुना।

इसके बावजूद अधिकतर ।64%) भारतीयों ने कहा कि वह पाकिस्तान से बेहतर संबंध चाहते हैं और आधे से ज़्यादा ने कहा कि दोनों देशों के बीच ज़्यादा बातचीत, ज़्यादा व्यापार का वह समर्थन करते हैं।

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