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पाकिस्तानी बेटी के लिए भारतीय बने 'मसीहा', जानिए कैसे?

Tue, 13 Oct 2015 01:21 PM IST
Updated Tue, 13 Oct 2015 01:21 PM IST
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indians crowdfund for treatment of pakistani girl

पाकिस्तान की एक बच्ची और उसकी मां के लिए कुछ भारतीयों ने मसीहा की भूमिका अदा की। कुछ भारतीयों ने मिलकर 15 साल की कराची में रहने वाली सबा तारीक अहमद के इलाज के लिए करीब 13 लाख रुपए तक जमा किए।

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इस बच्ची को विल्सन्स नाम की एक घातक बीमारी है, जिसके इलाज के लिए ये मां-बेटी पिछले 49 दिनों से भारत में थे। इस बीमारी में व्यक्ति के शरीर में कॉपर की मात्रा जानलेवा स्तर तक बढ़ जाती है।
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सबा का इलाज मुंबई के जसलोक अस्पताल में हो रहा था। अस्पताल के सीईओ डॉ. तपन गेनचंदानी ने कहा कि सबा और उसकी मां नाजिया ने सोमवार दोपहर के बाद कराची के लिए फ्लाइट ली है।

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दो बार की मदद

indians crowdfund for treatment of pakistani girl

सबा की ये कहनी सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि भारतीयों ने सबा के इलाज के लिए पैसे इकट्ठा किए, बल्कि इसलिए और अधिक खास है कि इन्होंने अप्रैल से अक्टूबर के दौरान उसके इलाज के लिए दो बार पैसे इकट्ठा किए।

पहली बार अप्रैल-मई के दौरान एक एनजीओ ब्लूबेल्स कम्युनिटी ने मुंबई के लोगों से सबा के इलाज के लिए 7 लाख रुपए इकट्ठा किए।

इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर ऑनलाइन पैसे जमा करने की एक मुहिम शुरू की गई। इसके जरिए तीन महीने के इलाज के लिए पैसे जमा किए।

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