21 साल से पाकिस्तान में फंसा सलमान, वापस आएगा भारत
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर असहिष्णुता फैलाने का आरोप लगाने वाले विरोधियों को कड़ा जवाब देने की तैयारी चल रही है। शायद इसीलिए दो दशक बाद वर्तमान भारत सरकार जयगंज के पठानान मोहल्ले के सलमान को पाकिस्तान से भारत लाने पर बेहद संजीदा हो गई है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी हाल ही में इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिला चुकीं हैं। इसीलिए हरकत में आए भारतीय दूतावास के हाई कमिश्नर पीसी राघवन ने मंगलवार को कराची में सलमान से मुलाकात की।
उन्होंने सलमान के साथ ही उसकी दोनों बहनें निदा वकार और हिना वकार से अब तक की पूरी कहानी सुनी और इसके बाद फोन पर सलमान के पिता हाफिज वकार से भी बात की।
सलमान को एक महीने में भारत लाया जाएगा
हाफिज वकार ने बताया कि हाई कमिश्नर ने भरोसा दिलाया है कि सलमान को एक महीने में भारत लाया जाएगा। अब उन्हें भी भरोसा हो रहा है कि उनका बेटा अलीगढ़ वापस आ जाएगा।
हाफिज ने बताया कि राघवन ने बेटे से पूरी बात सुनी और ये भी पूछा कि वो भारत जाना चाहता है या नहीं..? इस पर सलमान ने अपने माता पिता के साथ भारत में ही रहने की बात कही।
हाई कमिश्नर ने उसकी बिगड़ती सेहत पर खानपान दुरुस्त करने को कहा है। वकार ने कहा कि भाजपा सांसद सतीश गौतम द्वारा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और नगर विधायक जफर आलम द्वारा सीएम तक ये मुद्दा पहुंचाने से उनके बेटे को स्वदेश लाने में बड़ी मदद मिल रही है। सीएम ने भी इस मामले में विदेश मंत्री से सिफारिश की है।
बेटा सलमान भी अब पाकिस्तान से वापस आ सकता
इधर, सांसद प्रवक्ता संदीप चाणक्य ने बताया कि सांसद सतीश गौतम ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक ये मुद्दा पहुंचाया था उसके बाद से पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को पूरा मामले की जांच करने को कहा गया था।
अब हाई कमिश्नर सलमान को भारत लाने के लिए जरूरी दस्तावेजों की कार्रवाई करेंगे। जिस तरह से गीता को भारत लाया गया है उसी तरह से सलमान को भी वापस लाएंगे। विदेश मंत्री जल्द ही हाफिज वकार से मिलेंगी इसके लिए वह सांसद के अनुरोध पर समय दे रही हैं।
पाकिस्तान से बिहार की गीता के वापस आने की खबरों ने अलीगढ़ के पठानान मोहल्ले के हाफिज वकार की उम्मीदों को जिंदा कर दिया है। उन्हें लगने लगा है कि उनका बेटा सलमान भी अब पाकिस्तान से वापस आ सकता है।
हाफिज वकार की हालत मंगलवार को बिगड़ गई और उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि शुगर लेवल बढ़ने से उनकी जान को खतरा है। उन्हें कभी भी लकवा मार सकता है। बुधवार को भी वह बेहद तनाव में रहे।
'अब न तो पाकिस्तान वाले उसे पासपोर्ट दे रहे हैं न ही भारत सरकार'
वकार अधिकारियों से मिन्नतें करते रहे कि कोई उनके बेटे सलमान को कराची से अलीगढ़ लाने में मदद करे। हाफिज वकार ने बताया कि सांसद सतीश गौतम ने दशहरा बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलाने का भरोसा दिलाया है।
विदेश मंत्री से इसके लिए वक्त लिया जा रहा है। वकार ने रोते हुए बताया कि वह दो दशक से परेशान हैं, लेकिन अलीगढ़ से दिल्ली तक के अधिकारियों ने कभी कोई मदद नहीं की। उनकी पत्नी सलमा को भी अब तक भारत की स्थायी नागरिकता नहीं मिली है, जबकि पाकिस्तान से आने के बाद उनका निकाह हुए तीन दशक से ज्यादा वक्त गुजर चुका है।
वकार के दोस्त सलीम मुख्तार, एसएम कयाम और समाजसेवी अमानउल्लाह खां ने कहा कि जिला प्रशासन से कई बार कहने के बाद भी सलमा को अब तक भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। पाकिस्तान जाते वक्त उनके बेटे सलमान का जिक्र उस वक्त के पासपोर्ट में है। क्योंकि बीमारी की वजह से वकार दंपति को सलमान को पाकिस्तान में छोड़ कर आना पड़ा था। अब न तो पाकिस्तान वाले उसे पासपोर्ट दे रहे हैं न ही भारत सरकार। ऐसे में वकार दंपति की समस्या सुलझ नहीं पा रही है।