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रेलवे दे सकता है लंबित परियोजनाओं को हरी झंडी

Sat, 12 Jan 2013 08:06 AM IST
विजय गुप्ता/नई दिल्ली
विजय गुप्ता/नई दिल्ली Updated Sat, 12 Jan 2013 08:06 AM IST
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indian railway may give green signal to pending projects

पूर्व के रेल बजटों में प्रस्तावित झांसी की लंबित रेल परियोजनाएं अब फाइलों से बाहर निकलेंगी। लगभग 17 सालों के बाद यह मंत्रालय कांग्रेस के पास आने से आगामी रेल बजट में बुंदेलखंड क्षेत्र को कई नई रेल परियोजनाओं का तोहफा मिल सकता है। झांसी और ललितपुर में आधुनिक रेल अस्पतालों का निर्माण और रेल नीर उद्योग की स्थापना होने की भी संभावना है। इसके साथ ही कई प्रमुख रेलगाड़ियों के ठहराव और नई रेलगाड़ियां चलाने की भी घोषणा आगामी रेल बजट में की जा सकती है।

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ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बताया कि पिछले दो वर्षों से झांसी और आसपास के प्रमुख स्टेशनों पर प्रमुख मेल गाड़ियों के ठहराव, झांसी से बीना तक ईएमयू के परिचालन और ललितपुर में शताब्दी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की जा रही है। कुछ नई रेलगाड़ियों को चलाने की घोषणा भी पिछले बजटों में हुई थी। लेकिन यह घोषणाएं फाइलों से बाहर नहीं आ सकीं। लिहाजा आगामी रेल बजट में पुरानी मांगो को शामिल करने और पूर्व की घोषणाओं पर अमल किए जाने की मांग की गई है। इस संबंध में रेलमंत्री पवन कुमार बंसल से मुलाकात कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया।
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रेलमंत्री ने आगामी बजट में इन मांगो पर गंभीरता से अमल करने का आश्वासन दिया है। इसमें ललितपुर में रेल नीर उद्योग की स्थापना, झांसी स्पोर्ट्स कांपलेक्स और क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण, झांसी और ललितपुर में आधुनिक रेलवे अस्पतालों का निर्माण कराया जाना शामिल है।
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जैन के मुताबिक ग्वालियर-इंदौर ट्रेन को सातों दिन चलाने, ग्वालियर-इंदौर ट्रेन को झांसी तक बढ़ाए जाने, झांसी में दूसरी ओर प्लेटफार्म बनाए जाने, बबीना कैंट स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस का ठहराव, उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी एक्सप्रेस का कुलपहाड़ स्टेशन पर ठहराव कराने की मांग की गई है।


इसके अलावा झांसी-कानपुर रेललाइन का दोहरीकरण, झांसी रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराने सहित अन्य कई ट्रेनों के ठहराव आदि की पुरानी मांगे, जिन पर अमल का आश्वासन पूर्व के मंत्रियों से मिला था, उन्हें आगामी बजट में शामिल करने की मांग की गई है।

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