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पाक जेल में कपड़े धोने पर भारतीय कैदी की हत्या

Fri, 25 Jan 2013 09:57 AM IST
योगेश नारायण दीक्षित/चंडीगढ़
योगेश नारायण दीक्षित/चंडीगढ़ Updated Fri, 25 Jan 2013 09:57 AM IST
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indian prisoner beaten to death in pak says lawyer

दो भारतीय सैनिकों के शवों के साथ पाक सैनिकों की बर्बरता का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि वहां की जेल में एक भारतीय कैदी के साथ क्रूरता की एक और घटना सामने आई है। आरोप है कि कोट लखपत जेल के अफसरों ने नल पर कपड़े धोने जैसी मामूली बात पर न सिर्फ जम्मू-कश्मीर में अखनूर निवासी कैदी चमेल सिंह की हत्या कर दी बल्कि घटना के हफ्तेभर बाद भी शव भारत भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की।

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पाक जेल अफसरों की क्रूरता को उजागर करने वाले लाहौर के वकील तहसीन खान के मुताबिक पाकिस्तान के अफसर चाहते हैं कि शव इतनी देर में भारत भेजा जाए, जिससे चोट और खून के निशान मिट जाएं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी चमेल की मौत की पुष्टि की है।
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लाहौर में अल्पसंख्यकों के हक के लिए ‘जीजस रेस्क्यू’ नाम से एनजीओ चलाने वाले एडवोकेट तहसीन खान ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि 15 जनवरी को वह भी लाहौर की कोट लखपत सेंट्रल जेल में बंद थे। उस दिन सुबह करीब पौने आठ बजे गलती से सीमा पारकर जाने में पांच साल की सजा भुगत रहे जम्मू के अखनूर सेक्टर में परगवाल निवासी चमेल सिंह पुत्र रसाल सिंह बैरक के बाहर लगे नल पर कपड़े धोने लगा।
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तभी हेड वार्डन मो. नवाज और मो. सदीक ने उसे गंदगी न फैलाने को कहा। इस पर चमेल (उम्र करीब 45) ने कहा कि उसे कपड़े धोने की जगह बता दें। उस समय वहां जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट भी आ गए। उनके सामने ही दोनों वार्डन ने चमेल के सिर और आंख पर वार करना शुरू कर दिया। अचानक आंख और माथे से खून निकलता देख जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट वहां से चले गए।

वकील ने बताया कि वह और दूसरे कैदी जब चमेल के पास पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। भारतीय कैदी की हत्या पर वहां हड़कंप मच गया तो आनन-फानन में उसके शव को लेकर जेल कर्मचारी अस्पताल चले गए। 18 जनवरी को जेल से जमानत पर बाहर आने पर वकील तहसीन ने लाहौर के जिन्ना सिविल अस्पताल में जानकारी ली तो पता चला कि चमेल का शव वहां मार्चरी में रखा गया है।


उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार शव को भारत भेजने में देरी इसलिए कर रही है, जिससे उसके शरीर पर चोट और खून के निशान पूरी तरह साफ हो जाएं।

परिजन परेशान, शव दिलाने की गुहार
अखनूर के परगवाल गांव में रहने वाली पत्नी कमलेश देवी और बेटे दारा सिंह ने चमेल सिंह का शव मंगाने के लिए सरकार से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार की मदद से शव वापस आ सकेगा।

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