पीएम ने नौसेना को सौंपा INS कोलकाता
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बने सबसे बड़े युद्धपोत आईएनएस कोलकाता को नौसेना को सौंप दिया है।
इसे मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। आईएनएस कोलकाता भारतीय नौसेना के कोलकाता श्रेणी के युद्धपोतों का हिस्सा है, जिसमें आईएनएस कोच्चि और आईएनएस चेन्नई शामिल हैं।
6,800 टन के इस युद्धपोत को साल 2010 में नौसेना में शामिल किया जाना था, लेकिन कई परियोजनाओं में देरी होने के कारण अब इसे शामिल किया जा रहा है।
परीक्षण के दौरान पोत में एक दुर्घटना भी हुई थी, जिसमें नौसेना के एक अधिकारी की मौत हो गई थी।
'कोई देश को आंख नहीं दिखा सकता'
स्वदेश निर्मित युध्दपोत आईएनएस कोलकाता को नौसेना को सौंपते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश की ताकत बढ़ेगी तो कोई आंख उठा कर नहीं देख सकता। उन्होंने कहा देश के बुद्धिबल से ही बना है आइएनएस कोलकाता।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि युध्द न हो इसके लिए ताकतवर होना जरूरी है। रक्षा के लिए बाहुबल के साथ बुद्धि होना जरूरी है। ब्रह्मोस मिसाइल से लैस इस युध्दपोत की क्षमता और जरूरत की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि इससे दुनिया में भारत की निर्माण क्षमता का डंका बजा है।
क्रूज मिसाइलों से लैस है INS कोलकाता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नौसेना गठन के बारे में सबसे पहले शिवाजी महाराज ने सोचा था। स्वदेश निर्मित युद्ध पोत दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि भारत रक्षा उत्पादन क्षमता से दक्ष है।
6800 टन वजनी यह युद्ध पोत रूस में बनी अचूक और संघारक क्रूज मिसाइलों से भी लैस है। यह युद्ध पोत देश के जवानों ने बनाया है।
मोदी ने आगे कहा विश्व व्यापार के लिए समंदर की रक्षा करना जरूरी है। साथ ही सरकार के इन प्रयासों से भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
आईएनएस कोलकाता की खूबियां
1:- आईएनएस कोलकाता 164 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा है।
2:- इसकी ऊंचाई एक पांच मंज़िली इमारत जितनी है।
3:- पहली बार भारतीय नौसेना के किसी युद्ध पोत में थ्री डी रडार इस्तेमाल किया गया है।
4:- ये ब्रह्मोस मिसाइल, 76 एमएम गन, दो रॉकेट लॉन्चर, एंटी-सर्फेस गन, एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस है।
5:- सबमरीन डिटेक्टर और चार टॉरपीडो भी मौजूद हैं।