जेएनयू विवाद पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही कांग्रेस
जेएनयू में भारत विरोधी बयान और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस के नेताओं ने खामोशी ओढ़ ली है। पार्टी छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद अभी भी खुलकर स्थिति नहीं तय कर पा रही है। पार्टी के महासचिव और वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने भी इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।
शकील ने कहा कि हिन्दुस्तान की धरती पर किसी को भी भारत विरोधी नारा लगाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
हालांकि शकील ने कहा कि इसी के साथ किसी भी अपनी राजनीतिक हित साधने की इजाजत मिलना भी उचित नहीं है। कांग्रेस महासचिव का कहना है कि जिस किसी ने भी देश विरोधी नारे लगाए हैं, उनकी पहचान होनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई अनुचित है।
फूंक-फूंककर कदम रख रही है कांग्रेस
उन्होंने कहा कि हाल में ही छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी
परिषद को मुंह की खानी पड़ी है। इस हार का बदला लेने की भावना से छात्रसंघ
अध्यक्ष समेत कुछ अन्य छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। फिलवक्त
हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी प्रकरण में काफी
आक्रामक रही कांग्रेस इस समय फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
शुक्रवार को
छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद भी
कांग्रेस नेता प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। शनिवार को दिल्ली पुलिस
ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बारे में विश्वविद्यालय के
कुछ और छात्रों से पूछताछ की वहीं मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी
और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के
खिलाफ सख्त कार्रवाई की मंशा जताई थी।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को
भी स्पष्ट किया कि जो पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाएगा वह जेल जाएगा।
इतना ही नहीं भाजपा और इसकी छात्र ईकाई एबीवीपी भी काफी आक्रामक मूड में
है। पार्टी के सूत्र मान रहे हैं कि यह काफी संवेदनशील मुद्दा है। इसमें
कहीं न कहीं नारे बाजी करने वाले छात्रों तथा आयोजकों से बड़ी चूक हुई है।
ऐसे में काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही कांग्रेस इस हवन में अपना दामन नहीं
जलने देना चाहती।