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'जहर बुझे खतों से था मारने का प्लान'

Wed, 10 Sep 2014 08:29 AM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 08:29 AM IST
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Indian Mujahideen planned to send poison letters to kill

इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) कई महत्वपूर्ण लोगों को मारने के लिए ‘जहर बुझे खत’ भेजने की योजना बना रहा था।

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अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने के मामले में आतंकवादी संगठन के छह संदिग्ध लोगों के खिलाफ अदालत में दाखिल किए गए अपने आरोपपत्र में पुलिस ने यह खुलासा किया है।

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान आईएम के संदिग्ध उग्रवादियों तहसीन अख्तर और मोहम्मद वकार अजहर ने बताया था कि उन्होंने मैग्नीशियम सल्फेट, एसीटोन और अरंडी के बीज की मदद से जहर बनाने की कोशिश की थी।
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जहर बनाने के पीछे उनका मकसद जहर बुझे पत्र भेजकर अपने शिकार को निशाना बनाना था।

कई आतंकी हो चुके हैं ग‌िरफ्तार

Indian Mujahideen planned to send poison letters to kill

नवंबर 2011 में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर आईएम के कई संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था।

आरोपपत्र में पुलिस ने आईएम के शीर्ष सदस्यों तहसीन अख्तर, जिया उर रहमान, मोहम्मद वकार अजहर, मोहम्मद मारूफ, मोहम्मद साकेब अंसारी तथा इम्तियाज आलम का नाम आरोपी के रूप में लिया है।

इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी को गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सशस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत आरोपित किया गया है।
 
अपने आरोपपत्र में पुलिस ने कहा है कि आईएम सदस्यों ने बम विस्फोट करने के लिए आगरा के ऐतिहासिक ताज महल और आगरा किले की टोह ली थी तथा राजस्थान का भरतपुर भी उनके लक्ष्यों में से एक था।

आगरा किले, ताज महल थे न‌िशाने पर

Indian Mujahideen planned to send poison letters to kill

पुलिस ने कहा, पूछताछ के दौरान, 18 अप्रैल 2014 को आरोपी साकेब अंसारी अपने खुलासे के बाद पुलिस टीम को उत्तर प्रदेश के आगरा में ‘केजीएन’ नाम के होटल में ले गया जहां वह बरकत (आईएम संदिग्ध) के साथ 7 मार्च 2014 को ठहरा था।

ये दोनों रियाज भटकल के निर्देश पर विस्फोट करने के लिए आगरा किले, ताज महल आदि की टोह लेने के लिए आगरा गए थे।

अपनी इंटरनेट चैटिंग में इन आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए कूट शब्दों का ब्यौरा देते हुए पुलिस ने बताया कि आईएम के सह संस्थापक यासिन भटकल को ‘भैया’ कहा जाता था जबकि विस्फोटकों के लिए ‘सीवी’ तथा आईएम के शीर्ष आतंकवादी इकबाल भटकल के लिए ‘बेब’ नाम का इस्तेमाल किया जाता था।

पुलिस ने दावा किया है कि अल कायदा तथा तालिबान के लिए ‘बड़े’ और पाकिस्तान के लिए ‘गांव’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था।

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