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बड़ी लापरवाही: चीनी एजेंट के हाथ पड़ी भारतीय मिसाइल

Fri, 08 Aug 2014 04:49 PM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 04:49 PM IST
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indian missile lay unguarded at South Korean port

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10 महीने पहले भारत ने दक्षिण कोरिया के सियोल में होने वाली रक्षा प्रदर्शनी में अपनी मिसाइल 'प्रगति' भेजी थी। यह जमीन से जमीन पर सटीक मार करने वाली भारत की एक बेहद सक्षम मिसाइल है।

लेकिन हिंदुस्तान की रक्षा करने के लिए बनी ये मिसाइल दक्षिण कोरिया की प्रदर्शनी के बाद बंदरगाह पर एक महीने तक बिना किसी सुरक्षा के पड़ी रही।

इस घटना को घटे 10 महीने बीत चुके हैं लेकिन मोदी सरकार ने इस मुद्दे को फिर से उठाया है। और माना जा रहा है कि सरकार इस मामले पर छानबीन कर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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पाकिस्तान को टक्कर देने योग्य

indian missile lay unguarded at South Korean port

जमीन से जमीन पर सटीक मार करने में सक्षम भारत की बेहद आधुनिक और कामयाब टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है प्रहार। और इसी प्रहार मिसाइल का एक एक्सपोर्ट वेरियेंट है मिसाइल 'प्रगति'। यह 60 से 170 किलोमीटर तक सटीक मार करने में सक्षम है।

यह किसी भी तरह के मौसम में वार करने के योग्य है और यह खास तौर पर पाकिस्तान की एनएएसआर टैक्टिक न्यूक्लियर मिसाइल के टक्कर में बनाया गया है।

लेकिन इस मिसाइल को लेकर जो लापरवाहियां हुईं, वो कोई एक किस्सा नहीं है। इन गड़बड़ियों की दरअसल एक लंबी कतार है।

चीनी एजेंट को सौंपा देखरेख का जिम्मा

indian missile lay unguarded at South Korean port

दक्षिण कोरिया के सियोल में होने वाली इस रक्षा प्रदर्शनी में अब तक भारत डमी मिसाइल भेजा करता था। लेकिन यह पहला मौका था जब भारत ने अपनी असली मिसाइल को प्रदर्शनी में भेज दिया।

लापरवाही का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कोरिया में इस मिसाइल के रखरखाव का जिम्‍मा चाइना के एक लोकल एजेंट को सौंप दिया गया। यह एक ऐसी लापरवाही थी जिसके गंभीर परिणाम हो सकते थे।

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वापसी में छूटा जहाज

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तीसरी और सबसे बड़ी गलती यह कि प्रदर्शनी खत्म होने के बाद मिसाइल को उस शिप में नहीं भेजा जा सका, जिसे सीधे भारत लौटना था। मिसाइल उसी तट पर महीने भर तक पड़ी रही। उसे वापस एक व्यापारिक जहाज में लाया गया, जिसमें सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।

प्रगति मिसाइल इतनी तेज है कि कमांड देने पर 5 सेंकंड के भीतर वार कर सकती है। और यह अलग-अलग तरह के 200 किलो तक के विस्फोटकों से फायर करने में सक्षम है।

मोदी सरकार कर सकती है हंगामा

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प्रगति मिसाइल के साथ हुई बड़ी लापरवाही का मसला आईबी ने मार्च 2014 में ही उठाया था। रक्षा मंत्रालय को लापरवाही की पूरी रिपोर्ट देने के बाद आईबी ने ये भी पूछा कि लापरवाही का जिम्मेदार कौन है, क्यों पहले से चले आ रहे नियमों को ताक पर रखकर सियोल रक्षा प्रदर्शनी में डमी की जगह असली टेस्ट मिसाइल भेज दिया गया?

रक्षा मंत्रालय ने सिर्फ ये कहकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की कि आगे से ध्यान रखा जाएगा। लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि मोदी सरकार इस मसले पर हंगामा कर सकती है और फिर से पूरी जांच की मांग कर सकती है।

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