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सेना ने म्यांमार में घुसकर 20 उग्रवादियों को मारा

Thu, 11 Jun 2015 02:07 PM IST
एजेंसी/ईटानगर
एजेंसी/ईटानगर Updated Thu, 11 Jun 2015 02:07 PM IST
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indian milatry took revenge, kill 20 militants in mayanmar

पहली बार सीमा पार ऑपरेशन में भारतीय सेना के विशेष बलों ने वायुसेना के सहयोग से म्यांमार में घुसकर करीब 20 उग्रवादियों को मार गिराया।

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म्यांमार सरकार और सेना की मदद से ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर सेना ने 4 जून को मणिपुर के चंदेल में घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए 18 जवानों की शहादत का भी बदला ले लिया।
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भारतीय सेना के एलीट कमांडो ने मंगलवार सुबह म्यांमार क्षेत्र में कुछ किमी अंदर तक घुसकर नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खपलांग (एनएससीएन-के) और कांगलेई याना काना लुप (केवाईकेएल) के दो ठिकानों को तहस नहस कर दिया।
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कोई सैनिक नहीं हुआ हताहत

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पिछले हफ्ते मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में हुए उग्रवादी हमलों में एनएससीएन-के और केवाईकेएल का हाथ माना जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन विश्वसनीय और सटीक खुफिया जानकारी पर अंजाम दिया गया।

सेना के हमले में करीब 15 से 20 उग्रवादी मारे गए हैं। इस ऑपरेशन में कोई भारतीय सैनिक हताहत नहीं हुआ है। एडिशनल डायरेक्टर जनरल सैन्य ऑपरेशन मेजर जनरल रणवीर सिंह ने बताया कि नगालैंड और मणिपुर से लगती म्यांमार की सीमा में दो स्थानों पर मंगलवार सुबह इस संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

उन्होंने बताया कि उग्रवादियों के हमले के बाद से ही सेना हाई अलर्ट पर थी। उन्होंने बताया कि सेना को पिछले कुछ दिनों में विश्वसनीय और सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि ये उग्रवादी भारतीय क्षेत्र में और हमले करने की साजिश रच रहे हैं।

आगे भी मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

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ये उग्रवादी पिछले दिनों हमारे सैनिकों पर हमले में भी शामिल रहे थे। संभावित हमलों को रोकने के लिए हमने यह ऑपरेशन चलाया। मेजर जनरल ने बताया कि हमारे ऑपरेशन में उग्रवादियों को भारी नुकसान हुआ है और हमने अपने सैनिकों पर हमला करने वाले उग्रवादियों के दो कैंपों को भी नष्ट किया है।

साथ ही उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को लेकर सेना ने म्यांमार से संपर्क किया था और आतंकवाद के खिलाफ हम मिलकर आगे भी काम करते रहेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय अस्मिता पर किसी भी खतरे को देखते हुए हम आगे भी मुंहतोड़ जवाब देंगे। मेजर जनरल सिंह ने बताया कि हमले को सेना ने अंजाम दिया और हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाई पर रखा गया था।

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