यूक्रेन हादसे के बाद एयर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला
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मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच-17 के पूर्वी यूक्रेन में गिरने के बाद कई एयरलाइंस ने इस हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से बचने की बात कही है।
सुरक्षा के मद्देनजर एयर इंडिया की तरफ साफ कर दिया गया है कि वह इस हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करेगा। यह विमान एमस्टडर्म से कुआलालंपुर की उड़ान पर था। विमान में 298 लोग सवार थे।
यूरोप में हवाई यातायात की सुरक्षा नियामक संस्था यूरोकंट्रोल ने कहा है कि यूक्रेन ने देश के पूर्वी हिस्से के हवाई क्षेत्र को सभी एयरलाइंस के लिए बंद कर दिया है।
यातायात विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि उड़ान भर चुके विमानों को एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल ने आसपास के रास्तों से भेजा।
लोकप्रिय रूट
यूरोप के 38,000 से अधिक पायलटों के संगठन दि यूरोपियन कॉकपिट एसोसिएशन (ईसीए) ने कहा है कि विमान जिस रास्ते से जा रहा था, वह यूरोप से दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले विमानों के लिए आम रूट था।
एमिरेट्स एयरलाइन ने कहा है कि दुबई से कीएफ़ जा रही उसकी उड़ान संख्या ईके-171 को मलेशियाई विमान एमएच-17 के गिरने के बाद "सुरक्षा कारणों से" वापस दुबई बुला लिया गया।
एमिरेट्स एयरलाइन ने कहा है कि कीएफ़ जाने वाली उसकी पूर्व निर्धारित उड़ानों को "अगली सूचना तक के लिए तत्काल प्रभाव से स्थगित" कर दिया गया है।
कंपनी का कहना है कि अमरीका और अन्य यूरोपीय शहरों से आने वाली उसकी उड़ानें अन्य रास्तों का इस्तेमाल कर रही हैं।
इस बीच अमरीका के संघीय विमानन प्रशासन ने कहा है कि अमरीकी एयरलाइंस भी रूस की सीमा के नज़दीक यूक्रेन के हवाई क्षेत्र से बचकर उड़ने पर सहमत हैं।
यात्रियों की सुरक्षा
जर्मनी की लुफ़्तहांसा एयरलाइन ने भी तत्काल प्रभाव से पूर्वी यूक्रेन के हवाई क्षेत्र से बचकर उड़ान भरने का फैसला किया है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ''अपने यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'' वहीं वर्जिन अटलांटिक ने गुरुवार को अपनी कुछ उड़ानों का रूट बदल दिया।
ब्रिटिश एयरवेज ने कहा है कि हीथ्रो से रोज़ाना कीएफ़ जाने वाली उसकी एक उड़ान को छोड़ अन्य उड़ानों ने यूक्रेन के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं किया।
दक्षिण कोरिया की कोरियन एयरलाइंस और एशियना एयरलाइंस ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से उन्होंने तीन मार्च से ही यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरना बंद कर दिया था।
अबू धाबी की विमानन कंपनी एतिहाद ने कहा है कि वह इस हादसे से इसलिए प्रभावित नहीं हुई क्योंकि उसके विमान इस हवाई क्षेत्र से होकर उड़ान नहीं भरते।