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भारतीय सेना देश की रक्षा के लिए तैयार: सेना प्रमुख

Tue, 15 Jan 2013 03:04 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 15 Jan 2013 03:04 PM IST
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indian army is prepared to face all challenges to national security says army chief

देश की सीमाओं की चौकसी करने वाली भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपरा का निर्वाह करते हुए मंगलवार (15 जनवरी) को अपना 65वां सेना दिवस मना रही है।

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इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा कि मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारतीय सेना राष्ट्रीय सुरक्षा पर आने वाली तमाम चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
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उन्होंने कहा कि सेना का हर जवान देश की सुरक्षा के लिए कोई भी बलिदान करने को तैयार हैं। सिंह ने कहा कि आने वाले समय में संयुक्त ऑपरेशंस के विशेष महत्व को देखते हुए नौसेना, वायुसेना, थलसेना और अन्य सुरक्षा बल मिलकर एक मजबूत तंत्र का निर्माण करेंगे, जो देश को मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे।
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सेना प्रमुख ने कहा कि आर्मी के एविएशन डिवीजन को मजबूत किया जा रहा है। इसमें अटैक हैलीकॉप्टर भी शामिल किए जाएंगे। सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने सैनिकों, उनके आश्रितों और आंशिक रूप से विकलांग हुए सैनिकों का विशेष ध्यान दिया है। तमाम सैनिकों को मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


आर्मी चीफ ने मानव अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मानव अधिकारों के मामले में भारतीय सेना का रिकॉर्ड विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि इंडियन आर्मी के जवान सियाचिन जैसे मुश्किल इलाकों में काम करते हैं और युद्ध और मानव अधिकारों के सिद्धांतों का पालन करते हुए अपने फर्ज को अंजाम देते हैं। इस दौरान सेना प्रमुख ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को सेना देने में हमारा तीसरा स्थान है। उन्होंने भारतीय सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए भूतपूर्व सैनिकों के योगदान को भी सराहा।

लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) के. एम. करियप्पा ने 15 जनवरी को ही भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडिग इन चीफ के रूप में वर्ष 1949 में अंतिम ब्रिटिश कमांडर सर फ्रांसिस बूचर से पदभार संभाला था। इस तरह लेफ्टिनेंट करियप्पा लोकतांत्रिक भारत के पहले सेना प्रमुख बने। इसी के बाद से भारतीय सेना की कमान ब्रिटिश सेना से पूरी तरह मुक्त होकर एक भारतीय के हाथ में आई थी। इसीलिए इस दिन को सेना पूरी श्रद्धा से याद करती है।

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