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चीन से डील नहीं तो बंकर क्यों तोड़ रही भारतीय सेना?
नई दिल्ली/बीजिंग/एजेंसी
Updated Thu, 09 May 2013 01:11 AM IST
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लद्दाख की सीमा से पीछे हटने के एवज में चीन के साथ कथित 'डील' का असर दिखने लगा है। भारतीय सेना लद्दाख में चूमार इलाके के अपने बंकर तोड़ रही है।
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इससे विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के उस दावे पर सवालिया निशान लग गया है कि जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन के साथ अतिक्रमण मसले को बिना किसी डील के हल किया गया।
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फ्लैग मीटिंग में बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार बंकर तोड़ने का कार्य जारी है। चीन के साथ घुसपैठ मसले को हल करने के लिए दोनों देशों के बीच पारस्परिक सहमति के तहत यह बंकर तोड़े जा रहे हैं।
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...तो क्या लद्दाख से हटने को चीन से यह हुई थी डील?
सीमा पर हालिया तनाव को खतम करने के लिए दोनों देशों की सेना के बीच फ्लैग मीटिंग में हुई सहमति के आधार पर बंकर तोड़े जा रहे हैं।
दौलत बेग ओल्डी (डीओबी) इलाके में भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर अंदर डेपसांग में चीनी सेना के घुस आने के बाद इन बंकरों में भारतीय सेना गई। ताकि चीनी सैनिकों को पीछे हटाया जा सके।
बंकर टूटना भारत के लिए झटका
सूत्रों ने कहा कि यह बंकर कुछ माह पहले ही तैयार किए गए थे। बंकरों का टूटना एक तरह से भारत के लिए रणनीतिक हानि माना जा रहा है।
घुसपैठ पर नहीं हुई चीन से कोई डील: खुर्शीद
चूमर के झिपूगी अर्ला इलाके के बंकरों से भारतीय सेना चीन की सैन्य गतिविधियों पर गहरी नजर रख रही थी। यहां से चीन के इलाके साफ दिखते हैं तथा वहां की सड़कों के महत्वपूर्ण जुड़ाव की जानकारी भी मिलती है।
फ्लैग मीटिंग में चीन ने इन बंकरों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद इन्हें तोड़ने पर सहमति बनी। चर्चा में चीन भारत से अपने बंकर तोड़ने के एवज में डीओबी से अपने सैनिकों को हटाने पर राजी हुआ।
उल्लेखनीय है कि डीओबी इलाके में चीन ने अपने पांच तंबू गाड़ दिए थे। वहां वाहनों के साथ करीब 50 सैनिकों की तैनाती भी कर दी थी।
भारत ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया। दोनों देशों के बीच इस मसले पर 21 दिनों तक तनाव रहा। बाद में फ्लैग मीटिंग में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई।
सीमा पर शांति के पक्ष में चीन
भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए चीन ने फिर से उत्सुकता दिखाई है।
चीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच चले आ रहे विवाद का उचित और सटीक ढंग से निपटारा होना चाहिए। वह चाहता है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति रहे।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयाइंग ने बुधवार को कहा कि उचित और सटीक समझौते से दोनों देश सीमा विवाद को विराम दे सकते हैं। इससे दोनों देशों के सामान्य हितों की रक्षा होगी।
हालिया अतिक्रमण विवाद के निपटारे पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते की विस्तार से जानकारी मांगने पर चुनयाइंग ने कहा कि इस दिशा में दोनों देशों ने आपसी सहयोग दिखाया है। दोनों देश एक दूसरे की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए सीमा पर शांति चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हम सीमा पर शांति और स्थिरता कायम करने के लिए भारत के साथ लगातार बातचीत करना चाहेंगे। ताकि दोनों के बीच संबंध और मजबूत बन सके।