अब बेटियां भी उड़ाएंगी फाइटर प्लेन, रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला
देश की नई पीढ़ी की बेटियों के लिए देश की रक्षा क्षेत्र में सीधे पराक्रम दिखाने के लिए आसमान खुल गया है। रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना में लड़कियों की फाइटर पायलट के तौर पर भर्ती की योजना को मंजूरी दे दी है।
मंत्रालय ने शनिवार को हुए इस फैसले का एलान करते हुए कहा कि जून 2016 तक महिला लड़ाकू पायलटों की पहली खेप तैयार हो जाएगी।
एडवांस ट्रेनिंग के बाद 2017 तक पहले बैच को दुश्मनों पर हवाई हमले के लिए स्क्वार्डन में तैनात कर दिया जाएगा। इस फैसले से सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन का रास्ता भी खुल गया है।
भारत के दोनों बड़े पड़ोसी प्रतिस्पर्धी देश चीन और पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना में महिला लड़ाकु पायलटों की पहली खेप 2013 में ही तैयार कर ली थी। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुतांशु कार ने ट्वीट कर सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि महिला फाइटर पायलट का पहला बैच एयर फोर्स एकादमी में चल रही ट्रेनिंग से चुना जाएगा।
गौरतलब है कि वायु सेना में 1992 से मालवाहक विमानों और हेलीकॉप्टरों के लिए महिला पायलट काम कर रही हैं। सरकार के इस फैसले के बाद फिलहाल ट्रेनिंग पा रही लड़कियों में से ही लड़ाकू पायलट चुनी जाएंगी।
एनडीए और सीडीएस से चुनी जाएगीं लड़ाकू पायलट
इसके बाद नेशनल डिफेंस एकादमी (एनडीए) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) परीक्षा के माध्यम से महिला लडाकू पायलटों की भर्ती की योजना है।
सेना के तीनों अंगों में पुरुष अधिकारियों की भर्ती के लिए यह परीक्षा यूपीएससी संचालित करती है। फिलहाल 10500 अधिकारियों वाले वायुसेना में महिला अधिकारियों की संख्या 750 है। महीने की शुरुआत में वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने वायुसेना दिवस के मौके पर सरकार की इस योजना की जानकारी दी थी।
हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में राहा ने कहा था कि सरकार महिलाओं को लड़ाकू पायलट के तौर पर भर्ती पर विचार कर रही है।
इससे पहले सेना में लड़कियों को सीधी लड़ाई के रोल में शामिल करने के विचार को कभी प्रोत्साहन नहीं मिला। वायुसेना के इस फैसले के बाद थलसेना और नौसेना में भी लड़कियों को लड़ाकू रोल में शामिल करने की संभावना बढ़ गई है।
अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक में महिला लड़ाकू पायलटों का खूब इस्तेमाल किया था। इसके अलावा चीन, पाकिस्तान, मिस्त्र, कनाडा,इजरायल जैसे कई देशों में महिला लड़ाकू पायलट हैं।