IS के निशाने पर ओलांद का भ्ाारत दौरा
गणतंत्र दिवस पर मेहमान बनकर आ रहे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद की सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय खुफिया एजेंसिया अमेरिकी एजेंसी सीआईए की भी मदद ले रही हैं। पेरिस और पठानकोट हमले के मद्देनजर भारतीय खुफिया एजेंसियों और फ्रांस की सुरक्षा एजेंसी डायरोक्टोरेट जनरल ऑफ एक्सटर्नल सिक्योरिटी (DGSE) ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आईएस आतंकी भारत में भी 'लोन वुल्फ अटैक' जैसा हमला कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, DGSE और भारतीय सुरक्षा एजेंसिया सीआइए के साथ मिलकर काम करती रही हैं। माना जा रहा है कि आईएस और अल कायदा गणतंत्र दिवस समारोह में खलल डालने की कोशिश में हैं।
आइएस ने फ्रांस को खुली धमकी दी हुई है, जबकि अल कायदा अपने कई संदशों में प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र कर चुका है। इन्हीं धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
ओबामा के भारत दौरे से भी कड़ी सुरक्षा होगी इस बार
हाल ही में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने अलकायदा की भारतीय इकाई का भांडाफोड़ किया, जिनमें पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। उनमें से एक भारत में अल कायदा आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण का कामकाज देखता था।
भारत में आईएस का आधार नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन हमलों में उनकी मदद की सकते हैं।
माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर इस बार राष्ट्रपति बराक ओबामा के पिछले भारत दौरे और इंडिया-अफ्रीका सम्मेलन से भी कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।