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सईद से पूछताछ का मौका नहीं गंवाएगा भारत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 06 Nov 2012 12:46 AM IST
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पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के प्रमुख हाफिज सईद से पूछताछ का कोई मौका भारत नहीं गंवाएगा। सरकार का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई कानूनी करार नहीं होने के बावजूद अगर सईद भारतीय एजेंसी के सवालों का जवाब देने को तैयार है तो उसे सवालों की फेहरिस्त भेजी जाएगी। भारत की यह कोशिश भी होगी कि पूछताछ के दौरान एजेंसी के अधिकारी मौजूद रहें।
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गौरतलब है कि सईद ने अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वह भारत के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। सईद ने यह भी कहा है कि 26/11 के मुंबई हमले में उसका कोई हाथ नहीं है और वह उस हमले की निंदा करता है। हालांकि सईद ने यह भी माना कि उसकी इस बात पर कोई यकीन नहीं कर रहा।
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सूत्रों ने बताया कि सईद की इस बात पर कम से कम भारत तो कतई यकीन नहीं करेगा। भारतीय एजेंसियों के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि सईद 26/11 का मास्टरमाइंड है। पाकिस्तान की अदालत में उस पर मुकदमा चल रहा है और भारत की अदालत में उसके खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक हालांकि सईद के बयान का अदालत में सबूत के तौर पर खास तकनीकी महत्व नहीं है। लेकिन उसके जवाब से ऐसी कई जानकारियां मिल सकती हैं जो पाक समर्थित भारत विरोधी गतिविधियों की जांच में उपयोगी साबित होंगी।
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सूत्रों ने कहा कि किसी दूसरे देश में मौजूद आरोपी से सीधे पूछताछ का प्रावधान नहीं है। अगर पाकिस्तान सरकार मदद करे तो सवालों की फेहरिस्त पाक एजेंसियों को सौंप कर अपने सवालों के जवाब हासिल किए जा सकते हैं। इस प्रक्रिया में इस बात की छूट है कि भारत का अधिकारी पूछताछ के दौरान मौजूद रह सकता है। कई दूसरे देशों की तरह भारत और पाकिस्तान के बीच म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस संधि (एमएलएटी) नहीं है।
इसके बावजूद सईद की पेशकश की सूरत में उससे पूछताछ का मौका नहीं गंवाया जा सकता। गौरतलब है कि एमएलएटी के तहत ही नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिकी एजेंसी एफबीआई की गिरफ्त में आए लश्कर आतंकी डेविड हेडली से पूछताछ की थी। 26/11 की जांच के सिलसिले में एनआईए की टीम के पाकिस्तान जाने की तैयारी भी चल रही है।