हेडली के खुलासों पर पाकिस्तान को नए सिरे से घेरेगा भारत
मुंबई पर साल 2008 में हुए सबसे बड़ा आतंकी हमला मामले में भारत आतंकी डेविड हेडली के खुलासे के आधार पर पाकिस्तान को नए सिरे से घेरेगा। इस हमले की साजिश में शामिल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद, जकीउर्रहमान लखवी सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ पहले ही पाकिस्तान को 15 डोजियर दे चुका भारत अब नए सिरे से डोजियर तैयार कर इसे पाकिस्तान को सौंपेगा। इसके साथ ही भारत सईद और लखवी के प्रत्यर्पण की भी मांग दुहराएगा।
शिकागो की जेल में कैद हेडली ने मुंबई के विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दी गई गवाही में मुंबई हमले में सईद ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से प्रमुख भूमिका निभाए जाने की बात कही है। मुंबई हमले के इतर पठानकोट हमला मामले में कार्रवाई के सवाल पर भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनातनी बढ़ने के आसार हैं।
दरअसल पाकिस्तान ने इस मामले में जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ भारत की कार्रवाई की मांग पर अमल करने के उलट उसे क्लीन चिट दे दी है। इन दो मामलों के एक साथ सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता की नई तारीख तय करने के मामले में पेंच फंसने के आसार बन रहे हैं।
नए तथ्यों और सबूतों से लैस डोजियर भेजेगा भारत
मुंबई हमला मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर बीते 7 साल से आनाकानी कर रहे पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत ने अब हेडली के बयान को आधार बनाने का फैसला किया है। भारत हेडली के खुलासों के आधार पर मुंबई हमला मामले में पाकिस्तान को नए सिरे से घेरने की रणनीति बनाने में जुट गया है।
इस कड़ी में हेडली के खुलासों के आधार पर पाकिस्तान को सौंपने के लिए नए तथ्यों और सबूतों से लैस डोजियर तैयार करने की योजना है। रणनीतिकारों का मानना है कि आतंकी संगठन आईएस के बढ़ते खतरे, पेरिस पर आतंकी हमले के बाद जिस प्रकार आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान वैश्विक मंच पर घिरा है, उससे उसे दबाव में लाया जा सकता है। इस बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनातनी बढ़ने के अंदेशे को पठानकोट आतंकी हमला मामले में पाकिस्तान के रुख ने बढ़ा दिया है। जांच टीम की ओर से मौलाना मसूद अजहर को दी गई क्लीन चिट से भारत बेहद खफा है।
खासबात यह है कि अजहर के खिलाफ कार्रवाई का दबाव डालने के लिए ही भारत विदेश सचिव स्तर की वार्ता को लगातार टाल रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत को फिलहाल अब इस मामले में पाकिस्तान की अधिकृत प्रतिक्रिया का इंजजार है। अगर पाकिस्तान ने अधिकृत रूप से मसूद को क्लीन चिट दी तो न केवल इसका विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर असर पड़ेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनातनी भी एकाएक बढ़ जाएगी।