पाक से संघर्ष विराम उल्लंघन और घुसपैठ का मुद्दा उठाएगा भारत
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भारत और पाकिस्तान के बीच रेंजर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) स्तर की बातचीत तय हो गई है। यह बैठक नौ से 13 सितंबर तक होगी। बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच होने वाली डीजी स्तर की बैठक में भारत जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन, घुसपैठ और तस्करी के मुद्दे को प्रमुख तौर पर उठाएगा।
अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक (पंजाब) मेजर जनरल उमर फारूक बुर्की के नेतृत्व में 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत पहुंच जाएगा।
वहीं भारतीय दल की अगुवाई बीएसएफ प्रमुख देवेंद्र कुमार पाठक करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के साथ न्यूयार्क में इस महीने के अंत में मुलाकात भी करीब करीब तय हो गई है। इस मुलाकात में दोनों देशों के प्रधानमंत्री उफा के बाद दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों की बातचीत को रोडमैप तैयार कर सकते हैं।
पाकिस्तान को घेरेगा भारत
सरकारी सूत्रों का कहना है कि अगर रेंजर्स-बीएसएफ के बीच बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई तो न्यूयार्क में दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की बातचीत पर सहमति बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस महीने के अंतिम सप्ताह में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की बैठक में शिरकत करने अमेरिका जा रहा हैं। रेंजर्स-बीएसएफ के महानिदेशकों के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की बातचीत में पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत ने ठोस रणनीति तैयार की है।
बातचीत घुसपैठ, सीजफायर उल्लंघन पर होगी। भारत इस दौरान पाकिस्तान में सेना की मदद से आतंकियों की हो रही घुसपैठ और उसकी तरफ से लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन के संबंध में ठोस सबूत भी पेश करेगा। भारत का पक्ष इसलिए भी मजबूत है कि बीते एक महीने में उसे दो जिंदा आतंकवादियों को पकड़ने में जहां मदद मिली है, वहीं पंजाब में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों के पाकिस्तान से आने के भी ठोस सबूत हैं।
दूसरी ओर पाक रेंजर्स ने भी बैठक के लिए अपना एजेंडा तय कर लिया है। उन्होंने भारतीय सैनिकों द्वारा आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल, मानवरहित टोही विमानों द्वारा हवाई सीमा के उल्लंघन, सीमा से लगते इलाके में रक्षा निर्माण और फ्लैग मीटिंग के अनुरोध का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की हुर्रियत नेताओं से मिलने की जिद के कारण दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने के बाद बीते महीने एनएसए स्तर की वार्ता भी टल गई थी।