आईएसआईएस के खिलाफ जंग में फ्रांस का साथ देगा भारत
भारत ने पेरिस में हमला करने वाले खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ फ्रांस की शुरु की गई कार्रवाई में हर तरह से उसका साथ देने एलान किया है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत का यह कदम आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर हो रही गोलबंदी के लिहाज से अहम है।
आईएसआईएस के खिलाफ इस लड़ाई में भारत सिर्फ खुफिया जानकारी की साझेदारी और सामरिक सहयोग ही नहीं बल्कि जरुरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई में भी भागीदार होगा।
भारत ने फ्रांस से कहा है कि आईएसआईएस के खिलाफ उसकी लड़ाई अकेली नहीं है। गौरतलब है कि फ्रांस के साथ नाटो में शामिल देश आईएसआईएस के खिलाफ एक साथ खड़े हैं।
नाटो से अलावा भारत एशिया का पहला देश है जिसने आईएसआईएस के खिलाफ फ्रांस की लड़ाई में साथ देने का एलान किया है।
जो आतंकवाद का साथ दे रहा है उसे परिणाम भुगतना होगा
गृह राज्यमंत्री किरेन रिजुजू ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित फ्रांस दूतावास में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में यह एलान किया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खासतौर पर रिजुजू से इस समारोह में साफ शब्दों में यह एलान करने का निर्देश दिया था।
रिजुजू ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि जो देश या संगठन सीधे या परोक्ष तरीके से आतंकवाद का साथ दे रहा है उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
गृह राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार आईएसआईएस के भारत में प्रभाव को रोकने के लिए नए सिरे से काम कर रही है। आने वाले हफ्ते में इस मसले पर ठोस काम शुरु करने की तैयारी चल रही है। फ्रांस के साथ साझेदारी के लिए केंद्र जल्द ही फ्रांस सरकार के साथ तकनीकि पहलूओं पर बातचीत शुरु करेगा।
गौरतलब है कि टर्की में हो रहे जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पूरी दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का अह्वान किया है। पेरिस में आईएसआईएस के बर्बर हमले के बाद फ्रांस ने रविवार रात से इस आतंकी संगठन के ठिकानों पर बमबारी शुरु कर दी है।