मजबूत हुए भारत-श्रीलंका के रिश्ते, 4 समझौतों पर हस्ताक्षर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और श्रीलंका ने प्रगाढ़ होते संबंधों को प्रदर्शित करते हुए मंगलवार को मछुआरों के मामले, तमिलों को न्याय और रक्षा तथा कारोबार के क्षेत्र में द्विपक्षीय रिश्ते को और अधिक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा आतंकवाद से लड़ने और समुद्री सुरक्षा के मसले पर भी दोनों देशों के बीच सहयोग सुनिश्चित हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने प्रतिनिधि स्तर की बातचीत की समाप्ति के बाद कहा कि दोनों देश आपसी संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हेल्थकेयर और अंतरिक्ष विज्ञान में सहयोग को लेकर दोनों पक्षों ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा के तौर पर भारत को चुनने के लिए विक्रमसिंघे को धन्यवाद देते हुए मोदी ने उम्मीद जताई कि श्रीलंका में वास्तविक सुलह और विकास होगा ताकि तमिल समुदाय सहित सभी लोग ‘बराबरी का जीवन जीने के साथ-साथ न्याय, शांति और प्रतिष्ठा से जी सकें।’ उन्होंने कहा कि श्रीलंका की तरक्की दोनों देशों और दक्षिण एशिया के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
आतंक से लड़ने में सहयोग बढ़ाएंगे दोनों देश
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश आतंक से लड़ने में अपना सहयोग बढ़ाएंगे और पड़ोस की समुद्री सीमा में सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिलजुल कर काम करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘हम अपनी आपसी सुरक्षा हितों को पहचानते हैं और एक दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशील भी है। हम दोनों ने एक बार फिर से रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।’
दोनों देशों के मछुआरों का एसोसिएशन सुलझाएगा विवाद
मछुआरों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बात पर सहमति बनी है कि दोनों देशों के मछुआरों के एसोसिएशन समाधान पाने की दिशा में अपने प्रयास जारी रखें।
मोदी ने कहा कि उन्होंने इस मसले को मानवीय आधार पर देखे जाने का पक्ष रखा है। उन्होंने विक्रमसिंघे को बताया कि भारतीय मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने का प्रशिक्षण देने के कदम उठाए जा रहे हैं।