अफ्रीकी देशों को 60 करोड़ डॉलर कर्ज देगा भारत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की वकालत करते हुए अफ्रीकी देशों से स्थाई सदस्यता के मामले में भारत का साथ देने की अपील की है।
भारत अफ्रीका शिखर सम्मेलन में 54 अफ्रीकी देशों के शासनाध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने इस दौरान अफ्रीकी देशों को 60 करोड़ डॉलर बतौर अनुदान सहायता और एक करोड़ डॉलर के रियायती ब्याज आधारित ऋण देने की घोषणा की।
उन्होंने भारत और अफ्रीकी देशों की समानता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सवा अरब और अफ्रीकी देशों के सवा अरब लोगों का दिल एक साथ धड़कता है। दोनों देशों की दो तिहाई आबादी की आयु 35 साल से कम है। इसके अलावा विकास का लाभ अंतिम पायदान पर पहुंचाने की दोनों की चुनौतियां भी समान हैं।
समान है भारत और अफ्रीकी देशों की चुनौतियां
गौरतलब है कि सम्मेलन में पीएम मोदी ने बीते दो दिनों में 25 शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता को अंजाम देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अफ्रीकी देशों की युवाशक्ति ही उसकी ताकत है। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र भारत और अफ्रीकी देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाएगा। पीएम ने इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और विकास का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शाम ढलते ही करोड़ों भारतीयों और अफ्रीकी घरों में अंधेरा छाने लगता है। दोनों मिलकर ऐसे सभी लोगों के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद को दोनों के लिए समान चुनौती बताया और कहा कि इसका मिलकर मुकाबला करना होगा।
द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समय 34 अफ्रीकी देश भारत में बिना शुल्क के बाजार हासिल कर रहे हैं। अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने अफ्रीकी देशों को भारत की ओर से कई तरह की राहत देने की घोषणा की। उन्होंने अगले पांच वर्र्षों में रियायती ब्याज दर पर करोड़ डॉलर का ऋण, 60 करोड़ डॉलर की अनुदान सहायता की पेशकश की।
उन्होंने कहा कि इनमें से 10 करोड़ डॉलर भारत-अफ्रीका विकास कोष और एक करोड़ डॉलर स्वास्थ्य कोष के लिए होगा।
अपने भाषण में पीएम ने संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व में संतुलन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यूएन के वर्तमान ढांचे में अफ्रीकी देशों और भारत को प्रतिनिधित्व हासिल नहीं है। इस मामले में अफ्रीकी देशों को भारत का साथ देना चाहिए।