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स्वच्छ भारत का सबसे गंदा शहर, जानना चाहेंगे आप

Fri, 21 Aug 2015 08:24 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 08:24 PM IST
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India's most dirty city

मध्यप्रदेश का दमोह शहर देश का सबसे गंदा शहर माना गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों का सर्वे किया था जिसमें सबसे आखिरी पायदान यानि 476 नंबर पर रहा दमोह शहर।

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उन्तालिस वार्ड वाले दमोह में हर दिन करीब 18 टन कचरा निकलता है जबकि शहर में सफाई के काम के लिए 261 कर्मचारी हैं। नगर पालिका 100 कर्मचारी और बढ़ाना चाहती है।
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बुंदेलखंड के इस शहर में अगर आप जाएं तो कुछ जगहों पर वाकई महसूस होगा कि सफाई इस यहां की नगरपालिका के लिए आखिरी प्राथमिकता है।

खुले में शौच बड़ी समस्या

India's most dirty city

नगर पालिका के मुख्य नगर अधिकारी सुधीर कुमार सिंह का कहना है, "इस सर्वे में दो बिंदुओं को लिया गया, जिनकी वजह से शहर सबसे गंदा शहर कहा गया।"

सुधीर कुमार सिंह कहते हैं, “खुले में शौच और शहर के क़रीब मौजूद ट्रेंचिग ग्राउंड की वजह से हमें कम नंबर दिए गए और हमारे शहर को सबसे गंदा शहर माना गया।”

वह कहते हैं, "शहर में हर घर में शौचालय मौजूद है। इसके बावजूद अपनी आदत के चलते लोग खुले में शौच करना पसंद करते हैं।" शहर के पूरे कचरे को एक ग्राउंड में डाल दिया जाता है। हालांकि इसके लिए शहर को अब नई जगह मिल गई है।

इसके अलावा कचरे से निपटने के लिए शहर के पास फिलहाल कोई योजना नजर नहीं आती। स्थानीय निवासी 27 साल के मोहम्मद नोमान रज़ा दमोह कहते हैं कि जबसे उन्होंने होश संभाला है तब से वह शहर में गंदगी देख रहे हैं।

वह कहते हैं, “मुझे नहीं लगता कि आने वाले अगले चंद सालों में स्थिति में कोई बदलाव आएगा। राजनेता सिर्फ़ पैसा कमाने में लगे हैं और उन्हें आम लोगों से कुछ लेना-देना नहीं है। यही वजह है कि आज शहर की यह हालत है।”

लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस शहर के विधायक मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री हैं, जो पिछले 12 सालों से लगातार मंत्री हैं। लेकिन इस शहर में गंदगी को लेकर हर किसी के अपने तर्क हैं।

बस स्टैंड के हालात

India's most dirty city

शहर के बस स्टैंड की स्थिति ऐसी है कि कोई चंद मिनट भी खड़ा न हो सके। चारों ओर गंदगी के अलावा, बस स्टैंड में न तो महिलाओं के लिए और न ही पुरुषों के लिए शौचालय है।

बस स्टैंड पर काम करने वाले बंटी कुरैशी बताते हैं, “गंदगी में जो स्थान दमोह को दिया गया है, वो बिल्कुल सही है। पानी गिरने के कारण बस स्टैंड पूरी तरह से दलदल बना हुआ है। कोई सुनने वाला नहीं है। हम बस बोल ही सकते हैं और कुछ नहीं कर सकते।”

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