सेना की ताकत आजमाएगा भारत, 'दुश्मन' होगा निशाने पर
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सीमा पार से लगातार हो रही फायरिंग और परमाणु हथियारों की धौंस के बीच अब भारत ने भी विपरीत हालात से निपटने के लिए कमर कस ली है। भारतीय सेना देश की पश्चिमी सीमा पर बड़े स्तर पर एक सैन्य अभ्यास करने जा रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास में बख्तरबंद और तोपखाने से लैस भारतीय सेना उच्च तकनीक के हथियारों के साथ प्रयोग के तौर पर दुश्मन की सीमा में एक हमले को अंजाम देगी।
सूत्रों की मानें तो अक्टूबर-नवंबर महीने में राजस्थान में होने वाला यह युद्धाभ्यास हाल के दिनों में सबसे बड़ा अभ्यास होगा। इस सैन्य अभ्यास में सेना के करीब 30 हजार जवान शामिल होंगे।
पाकिस्तान को दिया गया एडवांस नोटिस
नवंबर महीने के आखिर तक चलने वाले इस सैन्य अभ्यास में पैराट्रूपर्स को दुश्मन की सीमा में उतारने की तैयारी भी परखी जाएगी। सेना के एक सूत्र ने बताया चार साल में एक बार ऐसा अभ्यास किया जाता है ताकि युद्ध के समय सेना की क्षमता को जांचा जा सके।
झांसी से लेकर हैदराबाद तक के जवान इस सैन्य अभ्यास के लिए भेजे जा रहे हैं। दो देशों के बीच लागू सैन्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पाकिस्तान को भी इस युद्धाभ्यास की जानकारी 'एडवांस नोटिस' के तहत दे दी गई है।
सेना के 30 हजार जवानों के अलावा इस अभ्यास में टी-90एस और टी-72 के सैकड़ों टैंकों, तोपों और बहु-उद्देशीय रॉकेट सिस्टम को भी शामिल किया गया है। इस अभ्यास का मुख्य मकसद बिना किसी तैयारी के अचानक होने वाले युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार करना है।