भारतीय संचार सैटेलाइट जीसैट-15 का सफल प्रक्षेपण
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भारत के अत्याधुनिक जीसैट-15 संचार सैटेलाइट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर दिया गया। इसका प्रक्षेपण यूरोपियन एरियन 5वीए-227 प्रक्षेपण यान से किया गया।
भारत के दृष्टिकोण से जीसैट-15 की काफी महत्वपूर्ण है। करीब 3164 किग्रा वजनी यह सैटेलाइट अपने साथ कम्यूनिकेशन भार का यह सैटेलाइट अपने साथ केयू-बैंड के कम्यूनिकेशन ट्रांसपोंडर लेकर गया है। इसके अलावा जीपीएस से जुड़ा संवर्धित नेविगेशन सिस्टम (गगन) भी अपने साथ लेकर गया है।
बुधवार की सुबह करीब 3 बजे एरियन-5 इस सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष की ओर उड़ा। इसरो ने बताया कि साढ़े 11 घंटे काउंटडाउन के बाद एरियन-5 प्रक्षेपण यान जीसैट-15 सैलेलाइट को लेकर उड़ा।
मजबूत होगी नेवीगेशन प्रणाली
वहीं एरियनस्पेस ने बताया की उसने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अरबसैट के लिए सफलतापूर्वक दो दूसंचार उपग्रहों 'जीसैट-15' और 'अरबसैट-6बी' का प्रक्षेपण किया है। इन दो उपग्रहों के प्रक्षेपण के साथ ही लगातार सफल उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की संख्या 69 हो गई है।
इसका प्रक्षेपण फ्रांस के गुयाना से किया गया है जिसने लगभग 43 मिनट में अपना मिशन पूरा कर लिया। इस सफल प्रक्षेपण के बारे में इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक एम. अन्नादुरै ने बताया कि यह प्रक्षेपण एरियनस्पेस के साथ इसरो का 19वां मिशन है।