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जानिए, किन मुद्दों पर बातचीत करेंगे भारत-पाकिस्तान
नई दिल्ली/हिमांशु मिश्र
Updated Tue, 30 Jul 2013 12:02 AM IST
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नए सिरे से वार्ता की मेज पर लौट रहे भारत और पाकिस्तान के बीच न तो मुंबई हमला प्रमुख मुद्दा होगा और न ही कश्मीर।
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दोनों देशों ने द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने के लिए बड़े और विवादित मुद्दों से फिलहाल दूरी बनाने पर सहमति जताई है।
दरअसल, यह प्रस्ताव पाक पीएम नवाज शरीफ ने अपने विशेष दूत के माध्यम से भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास भिजवाया था। कुछ दिनों के विचार-विमर्श के बाद मनमोहन सिंह ने पाक के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
हालांकि माना जा रहा है कि सितंबर में अंत में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की न्यूयार्क में होने वाली संभावित मुलाकात में मनमोहन सिंह आतंकवाद पर अपनी चिंता जाहिर कर सकते हैं।
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उल्लेखनीय है कि दोनों देशों ने सरक्रीक और वुलर बैरेज पर सचिव स्तर की वार्ता के लिए रजामंदी दे दी है।
पाक की सत्ता संभालने के बाद नवाज ने 5 जुलाई को अपने विशेष दूत शहरयार खान के माध्यम से नए सिरे से वार्ता शुरू करने का संदेश भेजा था।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नवाज ने संदेश भेजा था कि दोनों देश बड़े विवादित मुद्दों से फिलहाल किनारा कर वार्ता की मेज पर आएं।
संकेत साफ था कि बातचीत के शुरुआती दौर में न तो पाक कश्मीर का मसला उठाए और न ही भारत मुंबई पर हुए आतंकी हमले का मामला।
ऐसे में द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने के लिए वुलर बैराज और सरक्रीक मुद्दे को चुना गया। इन दोनों ही मसलों पर क्रमश: 27-28 अगस्त और 16-17 सितंबर को सचिव स्तर की वार्ता संभावित है।
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सूत्रों का कहना था कि संभावित द्विपक्षीय वार्ता पर फिलहाल भारत सकारात्मक नतीजे को लेकर आश्वस्त नहीं है। मगर भारत नवाज शरीफ की ओर से भेजे गए संदेश से मुंह भी नहीं मोड़ना चाहता।
वैसे शरीफ के पिछले कार्यकाल में कारगिल युद्ध की वजह से वार्ता की गाड़ी पटरी से उतर गई थी, फिर भी भारत मानता है कि इस दौरान दोनों देश बस और ट्रेन सेवा शुरू करने जैसे कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफल हुए थे।