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साइबर स्पेस में भारत-पाक की जंग तेज

Sun, 30 Sep 2012 10:55 PM IST
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली Updated Sun, 30 Sep 2012 10:55 PM IST
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india Pak war intensified in cyberspace
भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच भले ही बार्डर पर जंग नहीं छिड़ी हो, लेकिन साइबर स्पेस पर दोनों तरफ के हैकरों के बीच जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। एक-दूसरे को नीचा दिखाने की यह जंग सारी सीमाएं पार कर रही है।
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पाक की ओर से जहां रोजाना भारत सरकार की वेबसाइटों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं भारत की ओर से भी पाक की वेबसाइटों पर धावा बोला जा रहा है। पाक के स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त से ही पाक की सैकड़ों सरकारी वेबसाइटों पर सबसे ज्यादा भारत के हैकरों की ओर से हमला हो रहा है।
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दोनों देशों की ओर से बाकायदा हैकरों ने अपने समूह को साइबर आर्मी का नाम दिया है। पाक की साइबर आर्मी ने फेसबुक में अपने खाते में म्यांमार में मुस्लिमों के साथ हिंसा की बात पर भड़काऊ बयान लिख रखे हैं। पाक की ओर अगस्त में दक्षिण रेलवे की वेबसाइट पर जो साइबर हमला हुआ था। उसमें बाकायदा वेबसाइट के होम पेज को हटाकर पाक साइबर पायरेट्स का होम पेज डाल दिया गया था। इसमें कश्मीर पर भारत के अधिकार को नकारा गया था।
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जानकारों का मानना है कि यह दोनों देशों के आईटी और साइबर तकनीक में माहिर युवा इंजीनियर हैं, जो इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। साइबर मामलों के जानकार पवन दुग्गल ने अमर उजाला को बताया कि जिस तरह से पाकिस्तान की ओर से साइबर हमले बढ़ रहे हैं। उसे देखकर लग रहा है कि पाक सरकार की ओर से ही इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्गल बताते हैं कि यह बात सार्वजनिक है कि चीन के पास तीन लाख आईटी तकनीक से लैस युवाओं की साइबर आर्मी है, जो हैकिंग के जरिए चीन की प्रभुसत्ता के लिए इस्तेमाल होती है।


उनके मुताबिक भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में हैकिंग एक दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद यह जंग बेहद बड़े पैमाने पर साइबर स्पेस में लड़ी जा रही है। जानकार मानते हैं कि दोनों देशों को अब सीमा पर आतंकवाद के अलावा साइबर स्पेस पर लड़े जा रहे युद्घ पर भी बात करनी चाहिए। जिससे कि आने वाले दिनों में पैदा होने वाली घातक स्थिति से बचा जाएं। हाल ही में प्रकाशित इंडिया रिस्क सर्वे 2012 में दावा किया गया है कि देश की 9 हजार वेबसाइटों पर विदेशी हैकरों ने हमले किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा हमले पाक, चीन, बांग्लादेश और नेपाल से साधे गए हैं।
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