सीजफायर उल्लंघन रोकने पर भारत-पाक सहमत
भारत और पाकिस्तान के सीमा सुरक्षाबलों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर उल्लंघन रोकने पर सहमति बन गई है। इसके लिए दोनों बल जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के कुछ इलाकों की संयुक्त पेट्रोलिंग करेंगे। इसके साथ ही दोनों ने देश शांति बहाली के लिए कई अन्य तरीकों पर भी विचार करने की बात कही है।
सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच बृहस्पतिवार को शुरू हुई वार्ता काफी सौहार्दपूर्ण रही। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन के आरोप मढ़ने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बहाल करने के लिए भविष्य में सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही।
12 सितंबर तक चलने वाली यह वार्ता करीब 21 महीनों के अंतराल पर हो रही है। इस वार्ता में रेंजर्स की 16 सदस्यीय टीम में पाकिस्तान के गृह और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। सीमा पर फायरिंग के लिए एक दूसरे को दोषी ठहराने के परंपरागत कदम से अलग हटते हुए बीएसएफ और रेंजर्स के महानिदेशकों (डीजी) ने अगले दो दिनों में इसके ठोस उपाय निकालने पर सहमत हुए हैं।
पहले दिन की वार्ता के बाद बीएसएफ के प्रमुख डीके पाठक ने कहा कि वह इसके अलावा कुछ नहीं कहेंगे कि वार्ता बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हो रही है और हम इसको लेकर खुश हैं। वार्ता का मकसद तनाव कम करना है और मैं इस वार्ता से काफी खुश हूं। यह सकारात्मक माहौल में चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक रेंजर्स के महानिदेशक ने सीमा पर संयुक्त पेट्रोलिंग की बात कही थी जिसे भारतीय पक्ष ने स्वीकार कर लिया।
वार्ता के बीच सीमा पर फायरिंग जारी
सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी पक्ष ने भारत-पाक सीमा की निगरानी संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के जरिए कराने की मांग भी नहीं उठाई। गौरतलब है कि रूस के उफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच यह फैसला हुआ था कि आईबी पर शांति बहाल रखने की जिम्मेदारी बीएसएफ और रेंजर्स को ही सौंपी जाए।
बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री स्तर पर हुए इस फैसले के मद्देनजर इस बार दोनों डीजी दोषारोपण छोड़ असल मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि तनावपूर्ण माहौल में बातचीत को असली मुद्दे से भटकने नहीं दिया जाए।
बीएसएफ ने उम्मीद जताई है कि इस तीन दिवसीय बातचीत के अच्छे परिणाम निकलेंगे। सूत्रों के मुताबिक सीमा पर बिना उकसावे की फायरिंग और घुसपैठ भारत के लिए सबसे अहम मुद्दा है। इसके अलावा पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर से बीएसएफ जवानों को सीधे निशाना बनाया जाना भी मुख्य एजेंडे में शामिल है।
बीएसएफ ने बुधवार को बारामूला और पूंछ सेक्टर में हुई बुधवार की फायरिंग का मसला उठाया। यह फायरिंग तब हुई जब रेंजर्स की टीम भारत आने के लिए बाघा बार्डर पार करने की प्रक्रिया में थी। इधर बातचीत की शुरुआत के बाद भी पाकिस्तान की ओर से ताजा फायरिंग की खबर है।