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'राइट टू रिजेक्ट' लागू करने वाला 14वां मुल्क होगा भारत!

Sat, 28 Sep 2013 08:18 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Sat, 28 Sep 2013 08:18 AM IST
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india may become 14th country to allow right to reject

यदि सुप्रीम कोर्ट के राइट टू रिजेक्ट से संबंधित फैसले को लागू किया जाता है तो मतदाताओं को चुनाव में उम्मीदवारों को नकारने का हक देने वाला भारत 14वां देश बन सकता है।

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मील का पत्थर माने जा रहे इस फैसले में कोर्ट ने कहा कि मतदाताओं को अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को नकारने का अधिकार है। लोग ईवीएम मशीन में निगेटिव वोट का बटन दबाकर ऐसा कर सकते हैं।
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सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इससे राजनीतिक पार्टियों को चुनावों में ईमानदार उम्मीदवार उतारने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

पढ़ें, मतदाता को मिला 'राइट टू रिजेक्ट'
कोर्ट ने चुनाव आयोग को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में ‘इनमें से कोई नहीं’ (एनओटीए) का विकल्प मुहैया कराने की व्यवस्था करने को कहा। यह बटन चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के नाम के अंत में होगा।
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दुनिया के 13 देश पहले ही अपने मतदाताओं को उम्मीदवारों को नकारने का अधिकार दे चुके हैं। इनमें पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश भी शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि संसद के अंदर वोटिंग मशीन में तीन बटन होते हैं हां, नहीं और तटस्थ का।
right to reject
इसी तरह से चुनावों में मतदाताओं को तटस्थ की जगह इनमें से कोई नहीं का बटन का विकल्प मुहैया कराना चाहिए ताकि लोग इस बटन को दबाकर अपनी इच्छा जाहिर कर सकें कि जब तक उनके वोट का सही हकदार नहीं मिलता वे मतदान से दूर ही रहेंगे।

इन देशों ने दिया है नकारने का हक
फ्रांस, बेल्जियम, ब्राजील, ग्रीस, उक्रेन, चिली, बांग्लादेश, स्टेट ऑफ नेवादा, फिनलैंड, अमेरिका, कोलंबिया, स्पेन और स्वीडन।

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