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सही दिशा में बढ़ रहा है भारत का मिशन मंगल
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 28 Mar 2013 09:27 PM IST
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मंगल पर जीवन की संभावनाएं तलाशने की दिशा में भारत की कोशिशें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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मंगल पर भेजे जाने वाले उपग्रह से जोड़ने से पहले वैज्ञानिक फिलहाल पैलोड्स (अंतरिक्ष उपकरण) का परीक्षण कर रहे हैं।
अंतरिक्ष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि अक्तूबर में उपग्रह की लांचिंग की योजना के तहत हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके तहत कुल 14.49 किग्रा. के पांच पैलोड्स को मंगल पर भेजा जाएगा।
मिशन मंगल की लांचिंग के साथ ही भारत इस तरह के अभियान मंगल पर भेजने वाले देशों की सूची में शामिल हो जाएगा। अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान पहले ही इस तरह के अभियान मंगल पर भेज चुके हैं।
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इस अभियान के तहत 3.59 किग्रा. का मिथेन सेंसर महज छह मिनट में मंगल पर मिथेन गैस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम होगा। इसके अलावा 4 किग्रा. भारवर्ग का थर्मल इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर मंगल की सतह की संरचना की जानकारी देगा।
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वहीं 1.4 किग्रा. का मार्स कलर कैमरा और 1.5 किग्रा. का ल्यमान अल्फा फोटोमीटर मंगल के वातावरण में एटोमिक हाइड्रोजन की मौजूदगी का पता लगाएगा।
जबकि मार्स एग्जोसफेरिक न्यूट्रल कंपोजिशन एनालिसर (एमईएनसीए) मंगल के संपूर्ण वातावरण की जांच करेगा। इसका वजह 4 किग्रा. है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर मिशन मंगल की घोषणा की थी। इसरो का विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी-एक्सएल श्रीहरिकोटा से अक्तूबर में इस मिशन को लांच करेगा। उपग्रह के 26 नवंबर तक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने की उम्मीद है।