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मलेशिया-भारत के बीच हुए तीन अहम करार

Tue, 24 Nov 2015 12:06 PM IST
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:06 PM IST
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India-Malaysia signed three important treeties
भारत और मलयेशिया ने सोमवार को सुरक्षा और रक्षा अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करते हुए आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। मलयेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक के साथ हुई बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से आतंकियों को न्याय के दायरे में लाने की मांग की। रजाक के साथ हुई चर्चा के बाद संयुक्त बयान में मोदी ने कहा कि विभिन्न देशों पर हाल ही में हुए आतंकी हमले भारत और अफगानिस्तान में कई सालों से लगातार चल रहे आतंकी हमलों की वैश्विक प्रकृति को याद दिलाता है।
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सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के बारे में मोदी ने कहा कि दोनों देश इसे और मजबूत बनाएंगे। इसमें समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र में आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करना भी शामिल है। आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ने का नेतृत्व करने , धर्म और आतंकवाद के संबंध को खारिज करने और इस्लाम के वास्तविक मूल्य को लोगों के सामने रखने के लिए प्रधानमंत्री ने नजीब की सराहना की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बहुसंस्कृति को प्रोत्साहित करने की अपनी जिम्मेदारी दोहराई और लोकतंत्र, बहुलता और विकास की प्रतिबद्धता पुन: सुनिश्चित की।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश संयुक्त अभ्यास को अपग्रेड करने एसयू-30 फोरम पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अभ्यास की जटिलता के स्तर और प्रशिक्षण तथा रक्षा उपकरणों के मामले में सहयोग के स्तर पर बहुत कुछ करेंगे। साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में हमारे परस्पर सहयोग का समझौता काफी महत्वपूर्ण है। भारत और मलयेशिया ने साइबर सिक्योरिटी और प्रोजेक्ट डिलीवरी के क्षेत्र में सहयोग का समझौता किया है। इसके अलावा, 2015-20 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान योजना के लिए भी समझौता किया गया है।
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शीर्ष शिक्षण संस्थानों की डिग्री मलयेशिया में होगी मान्य

India-Malaysia signed three important treeties

शीर्ष भारतीय शिक्षण संस्थानों की कई डिग्रियों को मलयेशिया मान्यता नहीं देता है। प्रधानमंत्री ने मोदी ने मलेशियाई विद्यार्थियों को भारत में पढ़ाई करने का न्योता देते हुए कहा कि एक-दूसरे की डिग्रियों को मान्यता देने के समझौते का जल्द ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। मोदी की इस मांग पर नजीब ने कहा कि इस मसले पर चर्चा कर हम तुरंत इस दिशा में काम करेंगे।

इसके अलावा दोनों देश संयुक्त सहयोग को प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए हैं। खास तौर से बुनियादी ढांचा और निर्माण के क्षेत्र में संयुक्त सहयोग की बात हुई है। इसके अलावा भारत के विकास और कारोबार के नये अभियानों जैसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटीज और कौशल विकास, दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। ये शुरुआत मलेशियाई कारोबारियों के लिए निवेश का एक महत्वपूर्ण अवसर भी देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह नजीब की इस भरोसे से इत्तफाक रखते हैं कि द्विपक्षीय कारोबार और निवेश के संबंधों को और बढ़ाया जा सकता है।

इसी क्रम में मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने भारत द्वारा निर्मित तोरण गेट का उद्घाटन किया। इसका निर्माण भारत ने 11 लाख डॉलर की लागत से किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ पत्थर पर कला का एक नमूना ही नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच के सांस्कृतिक संबंधों का सूचक है। तोरण गेट ब्रिकफील्ड्स में लिटिल इंडिया परिसर में स्थित है। कुआलालंपुर के लिटिल इंडिया परियोजना को यह तोरण गेट भारत की तरफ से एक उपहार है।

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