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भारत ने लॉन्च किया सबसे भारी रॉकेट

Thu, 18 Dec 2014 04:23 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 18 Dec 2014 04:23 PM IST
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ISRO did successful testing of GSLV Mark III Rocket

भारत ने गुरुवार को सबसे भारी रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने अब तक के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-एमके 3 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया। रॉकेट को बनाने में 140 करोड़ की लागत आई है।

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जीएसएलवी-एमके 3 में सी-25 इंजन लगाया गया है। इसकी ऊंचाई 43.43 मीटर है। यान के तीन स्तरों पर तीन तरह के ईंधन ठोस, द्रव और क्रायोजनिक का इस्तेमाल किया गया है। क्रू माड्यूल के निर्माण पर 15 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
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इस सबसे भारी रॉकेट प्रक्षेपण के साथ ही इसरो इंसान को अंतरिक्ष में ले जाने वाले 3.65 टन वजनी क्रू माड्यूल का परीक्षण भी कर रहा है। इस माड्यूल को रॉकेट में लगाया गया था। इसे पैराशूट के जरिए बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक उतारा गया है।

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ताकतवर हुआ भारत

ISRO did successful testing of GSLV Mark III Rocket

जीएसएलवी-एमके 3 के प्रक्षेपण का उद्देश्य इनसेट-4 जैसे भारी संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण में भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

इस सफलता के बाद भारत इनसैट-4 श्रेणी के उपग्रह प्रक्षेपित करने में सक्षम हो गया है। इनसैट-4 श्रेणी के उपग्रह का वजन 4500-5000 किलोग्राम तक होता है।

इस श्रेणी के उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए भारत अब तक दूसरे देशों पर निर्भर था। इससे भारत अरबों डॉलर के व्यावसायिक बाजार में भी अपनी दावेदारी मजबूत करेगा और दूसरे देशों के इनसैट-4 श्रेणी के उपग्रह अंतरिक्ष में भेज पाएगा।

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