ISIS के खिलाफ जंग में शामिल नहीं होगा भारत
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पश्चिमी एशिया में आतंक फैला रहे आईएसआईएस के खिलाफ जंग में भारत ने किसी भी तरह गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
हालांकि भारत इस क्षेत्र में आतंकवाद पर नियंत्रण करने के लिए और इस तरह की मानसिकता रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका का साथ देने को राजी है।
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इराक और सीरिया इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में शुरू हुए हवाई हमलों में भारत ने अपनी भागीदारी पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ हुई शिखर वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई थी।
आतंकवाद के खिलाफ नहीं बनेगा किसी गठबंधन का हिस्सा
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अमेरिका) विक्रम दुरुईस्वामी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत किसी भी ‘गठबंधन’ में शामिल होने नहीं जा रहा है, लेकिन दोनों देश ‘ट्रैवलर्स ऑफ टेरेरिज्म’ (ऐसे सिरफिरे लोग जो अन्य देशों से पश्चिम एशिया में आतंकी गतिविधियों में भाग लेने के लिए आते हैं) से निपटने की जरूरत पर सहयोग को राजी हुए हैं। हमारे लिए यह एक बड़ा मुद्दा है।
अफगानिस्तान में त्रिपक्षीय भागीदारी पर भारत की सहमति पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि यह विकास के लिए है न कि सैन्य सहयोग।
उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी संगठनों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के लिए ‘संयुक्त प्रयास’ का मतलब यह नहीं है कि भारत और अमेरिका किसी अभियान की शुरुआत कर रहे हैं बल्कि इसका मतलब यह हुआ कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत आतंकवाद के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों को लागू करेंगे।