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स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा, कई क्षेत्रों में पिछड़ा है भारत

Thu, 10 Jul 2014 07:51 AM IST
Updated Thu, 10 Jul 2014 07:51 AM IST
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india is backward in many areas including health, education

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मानव विकास सूचकांक में भारत का प्रदर्शन दुनिया के औसत से कम होने पर चिंता जताई है। संसद में बुधवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण में उन्होंने जोर दिया कि अगर देश की बड़ी आबादी का भरपूर लाभ उठाया जाए तो इस सूचकांक पर देश की स्थिति बेहतर हो सकती है।

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साथ ही वित्त मंत्री ने आधी आबादी यानी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके कौशल विकास पर जोर दिया है। आर्थिक सर्वेक्षण में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए व्यापक निवेश की भी बात कही गई है।
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वित्त मंत्री ने कहा है कि बच्चों के स्कूल में पढ़ाई के लिए गुजारे जाने वाले वर्ष और प्रति व्यक्ति आय समेत मानव विकास सूचकांक के दूसरे संकेतकों में भारत का प्रदर्शन दुनिया के औसत से कम है।

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'विशाल आबादी का लाभ उठाना बड़ी चुनौती'

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वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आबादी स्वस्थ, शिक्षित और कुशल हो तो इसका सकारात्मक असर विकास पर होगा। हालांकि विशाल आबादी का समयबद्ध तरीके से लाभ उठा पाना देश की बड़ी चुनौती है। इसलिए सामाजिक ढांचागत सुविधाओं, कौशल विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण के क्षेत्र में व्यापक निवेश की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि बजट में प्रत्येक वर्ष नई योजनाओं को शुरू करने की घोषणा करना काफी नहीं है। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए जीरो बजटिंग का तरीका अपनाना होगा।

उन्होंने कहा कि लागत राशि के पूरे इस्तेमाल के लिए नई तकनीक के बेहतर इस्तेमाल, प्रशासनिक स्तर को कम करना, सरकारी प्रक्रिया को सरल करना जरूरी है। जबकि ग्राम सभा स्तर पर जागरूकता, पंचायती राज पर आधारित कार्यक्रमों की बेहतर बनाने, उन्हें लागू करने पर भी बल दिया है।

दूसरी ओर उन्होंने सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों को तैयार करने और इनके क्रियान्वयन और राज्यों को धनराशि आवंटित करने के मामले पर भी गंभीरता से ध्यान दिया है।

बिहार में बढ़ी गरीबी

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आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक केरल में प्रत्येक एक हजार पुरुष पर 1084 महिलाएं होने के कारण यह राज्य पहले पायदान पर है। हरियाणा में सबसे कम लिंगानुपात प्रत्येक हजार पुरुष पर 879 महिलाएं हैं।

वहीं, बिहार में एक दशक में सबसे अधिक जनसंख्या वृद्धि (25.4 फीसदी) हुई है। हालांकि बिहार का कुल घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय के हिसाब बेहतर प्रदर्शन है। इसके बावजूद बिहार में गरीबी बढ़ी है।

गरीबी के मामले में वर्ष 2004-05 में यह राज्य दूसरे पायदान पर था जो कि 2011-12 में बढ़कर पहले पायदान पर जा पहुंचा है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक देश में शिशु मृत्यु दर केरल में सबसे कम और मध्य प्रदेश में सर्वाधिक है।

वहीं जन्म दर के मामले में केरल निचले और बिहर पहले स्थान पर है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं में सबसे कम प्रगति हुई है।

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