192 देशों के 251 शहरों में बजा भारत के योग का डंका
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पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक धरोहर योग का डंका बजा। भारत के सदियों पुराने ज्ञान का परचम पहली बार कश्मीर से कन्याकुमारी तक ही नहीं, बल्कि सरहद की सीमा लांघ दुनिया के 192 देशों के 251 शहरों में लहराया। योग के जलवे से जल, थल और आकाश भी अछूता नहीं रहा।
थल सेना के जवान सियाचिन की दुर्गम और बर्फ से ढकी पहाड़ की चोटियों पर योग करते नजर आए तो नौसेना के जवानों ने समुद्र में योग साधना की। राजपथ पर विदेशियों समेत तमाम देशों के दूतावासों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
भारत में जहां सभी राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों पर योग का भव्य आयोजन किया गया, वहीं यमन को छोड़कर दुनिया के 192 देशों के 251 शहरों में योग की धूम रही। योग के जलवे से न तो बर्फ से ढकी दुर्गम पहाड़ियों की चोटियां अछूती रहीं और न ही समुद्र और आकाश।
राजदूत और विदेशी नागरिक भी हुए शामिल
योग के इस विराट कार्यक्रम में अमेरिका के राजदूत समेत कई देशों के दूतावास के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने योग के कई आसन किए और बाद में भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर के साथ फोटो खिंचवाया। भारत के कई आश्रमों में रह रहे विदेशी भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दूर-दूर से पहुंचे।
इन लोगों का कहना था कि योग का और अधिक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 152 विदेशी मिशनों को इस कार्यक्र म में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था।
योग कला के साथ ही विज्ञान भी है। इसमें मनुष्य की बेहतरी के लिए रोगों को दूर करने वाली अद्भुत शक्तियां है और इससे आधुनिक जीवनशैली से जुड़े विकारों से निपटा जा सकता है। भारत योग का घर है। -प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रपति