फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   India has rejected Pakistan proposal on border brutality

बॉर्डर पर बर्बरता: भारत ने ठुकराया पाकिस्तानी प्रस्ताव

Thu, 10 Jan 2013 10:15 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 10 Jan 2013 10:15 PM IST
विज्ञापन
India has rejected Pakistan proposal on border brutality

भारत ने नियंत्रण रेखा पर जवान के सिर काटने की बर्बर घटना की संयुक्त राष्ट्र से जांच कराने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पीएम की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट और सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में जम्मू के मेंढर में संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दो भारतीय सैनिकों के साथ पाकिस्तानी सैनिकों के क्रूरता की घटना की समीक्षा की गई। कैबिनेट और सीसीएस की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत इस मामले का किसी भी सूरत में अंतरराष्ट्रीयकरण करने के प्रस्ताव पर सहमत नहीं होगा।

विज्ञापन


इस घटना को लेकर पाकिस्तान के इंकार और संयुक्त राष्ट्र की मिलिट्री बॉडी से जांच कराने के पाक की कूटनीतिक चाल के बीच कैबिनेट बैठक में पहले रक्षा सचिव ने संघर्ष विराम के उल्लंघन का पूरा ब्यौरा रखा। कैबिनेट बैठक के बाद पीएम ने सीसीएस की अलग से बैठक कर हालात की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने इस घटना को लेकर रक्षा मंत्री एके एंटनी से रिपोर्ट मांगी थी। बैठक में एंटनी से प्रधानमंत्री को बर्बर घटना का पूरा विवरण दिया।
विज्ञापन


कैबिनेट की बैठक के बाद चिदंबरम ने मीडिया से कहा कि सरकार ने पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी से जांच का सुझाव ठुकरा दिया है। इस घटना को सरकार ने बहुत गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में दो भारतीय सैनिकों की बर्बर तरीके से हत्या करने के बाद पाकिस्तान ने इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की रणनीति के तहत तीसरे पक्ष यानी संयुक्त राष्ट्र से जांच का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समझा जाता है कि सीसीएस की बैठक में इस घटना को लेकर पाक पर लगातार कूटनीतिक दबाव बनाते हुए फिलहाल संयम रखने की राय बनी। इसीलिए पाक के साथ हाल में हुए उदार वीजा समझौते सरीखे कदमों पर तत्काल ब्रेक नहीं लगाया गया है।

कैबिनेट की बैठक के बाद इस घटना के परिप्रेक्ष्य में सेना की तैयारियों को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए चिदंबरम ने दावा किया कि भारतीय सेना के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। दरअसल, चिदंबरम से पूछा गया था कि नियंत्रण रेखा के पास तैनात सभी सैनिकों के पास एक-47 राइफल नहीं हैं, ज्यादातर सैनिकों को कम क्षमता वाली इनसॉस राइफल दी गई हैं।

दूसरी ओर पाकिस्तान से आने वाले आतंकी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ ही एके-47 राइफल से लैस होते हैं। ऐसे में भारतीय सैनिक कैसे उन आतंकियों का मुकाबला करेंगे। इस पर चिदंबरम ने कहा कि सैनिकों के पास हथियारों की कमी नहीं है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आज हमारे सामने गंभीर मसला यह है कि भारतीय सैनिकों के साथ अमानवीय ज्यादती की गई। उन्होंने इन खबरों का खंडन किया कि नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की ओर से बंकर बनाने से संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है। चिदंबरम ने कहा कि संघर्ष विराम का पूरी तरह से पालन किया गया।


वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक बर्बर घटना थी, एक जवान को मारा गया और दूसरे का शव क्षत-विक्षत कर दिया गया। इस मौके पर मौजूद सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि सरहद पर जो कुछ हुआ वह अत्यंत अमानवीय था। हम इस घटना की पुरजोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए कि सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed