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विकास हो तो गलती माफ: नरेंद्र मोदी

Mon, 11 Mar 2013 01:13 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 11 Mar 2013 01:13 AM IST
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india first is my definition of secularism, says modi

अमेरिका द्वारा वीजा से इंकार और वार्टन फोरम द्वारा भाषण को रद्द किए जाने के विवाद से खुद को अछूता रखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि धर्मनिरपेक्षता की उनकी परिभाषा सिर्फ इतनी है कि ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत सबसे पहले)।

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साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता की मन से अच्छी सेवा करती है और विकास करती है तो जनता उसकी ‘गलतियां’ माफ कर देती है।

मोदी ने कहा, ‘धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा बहुत सरल है : इंडिया फर्स्ट। आप कुछ भी करें, कहीं भी करें, भारत के नागरिकों के लिए पहली प्राथमिकता उनका देश होना चाहिए।’ भारतीय-अमेरिकियों को वीडियो कांफ्रेंस द्वारा संबोधन में मोदी ने यह बातें कही।
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उन्होंने कहा, ‘देश सभी धर्मों और विचारधाराओं से ऊपर होता है।’ हिंदी में दिए करीब एक घंटे के भाषण में मोदी ने कहा, ‘एक भारतीय के रूप में मेरा विचार है और मेरे देश से प्यार करने वाले मित्र भी इससे सहमत होंगे कि हम चाहे जो भी फैसले लें, जो भी काम करें... सबसे पहली प्राथमिकता भारत होना चाहिए।
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देशहित से इतर हमारा कोई लक्ष्य नहीं होना चाहिए। ...और यदि ऐसा होता है, तो धर्मनिरपेक्षता सहज ही हमारे खून में दौड़ती है।’ मोदी के अनुसार, ‘यदि कोई सरकार ईमानदारी और निरपेक्ष भाव जनता की सेवा करती है, तो लोग उसकी गलतियों को भी माफ कर देते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जब जनता हमें पांच साल के लिए चुनती है तो हमें उसके लिए निस्वार्थ ढंग से काम करना चाहिए।’ 2002 के गोधरा दंगों में अल्पसंख्यकों की हत्याओं के लिए मोदी को अक्सर सवालों के कठघरे में खड़ा किया जाता है, लेकिन उन्होंने उस मुद्दे को भाषण में नहीं उठाया।

इस मामले को लेकर अमेरिका उन्हें वीजा जारी करने से इंकार कर चुका है और उनकी मुस्लिम विरोधी छवि के कारण पिछले दिनों वार्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम में मुख्य वक्ता के रूप में उनका भाषण रद्द कर दिया था। इन दोनों बातों पर भी मोदी ने कुछ नहीं कहा।

इस कांफ्रेंस की योजना भाजपा के समुद्र पार रहने वाले मित्र संगठनों ने वार्टन विवाद से काफी पहले बना ली थी। मोदी का भाषण सुनने के लिए न्यूजर्सी के एडिसन और शिकागो में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।

वहीं टीवी एशिया के सीईओ एचआर शाह ने दावा कि कि टेलीविजन पर दिखाए गए मोदी के इस भाषण को दुनिया भर के लाखों लोगों ने देखा।

भाषण में मोदी ने भारतीय-अमेरिकियों से कहा कि वे देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को अपनी क्षमताओं को विकसित करने में मदद दें।

यह युवाओं (कुल आबादी का 65 फीसदी) का देश है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी युवाओं की क्षमता के विकास की बात करते आए हैं।

मोदी ने हालांकि भाषण में केंद्र की यूपीए सरकार की आलोचना नहीं की लेकिन केंद्र और गुजरात सरकार में युवाओं की क्षमताओं के विकास के लिए रखे गए बजट की तुलना जरूर की।


उन्होंने कहा, ‘इससे दोनों सरकारों की प्राथमिकताओं का पता चलता है।’ उन्होंने कहा कि ‘प्रगति’ ही देश की सभी समस्याओं की कुंजी है। विकास ही हमारे देश को अंधकार युग से निकाल सकता है।

2012 के गुजरात चुनावों के नतीजों से साफ हो गया है कि विकास के आधार पर चुनाव जीता जा सकता है।

स्वामी विवेकानंद ने भारत को ‘जगत गुरु’ बनाने का सपना देखा था, जो विश्व को नेतृत्व देगा। यह अब हमारी जिम्मेदारी है कि इस सपने को हकीकत में बदलें।
-नरेंद्र मोदी

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