चार माह में हुईं 300 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं
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देश में पिछले चार माह में करीब 300 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आयी हैं। हर माह लगभग 75 घटनाएं। इनमें करीब 35 लोगों को जान गवानी पड़ी।
यह आंकड़ा गृह मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। पूरे साल में अक्टूबर तक 630 घटनाएं सामने चुकी हैं, जिसमें 86 लोगों की मौत हो गयी है। साल के मध्य यानि जून तक ही 330 मामले घटनाएं हो चुकी थीं, जिसमें 51 लोग मारे गए थे।
वहीं गृह मंत्रालय के अनुसार इन घटनाओं में 1899 लोग घायल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 में कोई सांप्रदायिक हिंसा की घटना सामने नहीं आयी है।
लेकिन इस प्रकार की दो घटनाएं जरूर हुई थी पहली फरीदाबाद के अटाली में एक पूजा घर को बनाने को लेकर हुई थी और दूसरी दादरी के बिसाहड़ा में बीफ को फ्रिज में रखे जाने की अफवाह के चलते 50 वर्षीय मोहम्मद अखलाख की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी थी।
सांप्रदायिक हिंसाओं की रोक के लिए राज्य जिम्मेदार
सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा कि 'यूनियन गृह सचिव सांप्रदायिक हिंसा के मामले को इतना महत्व नहीं दिया कि वह आएं और सांसदों को इन घटनाओं के बारे में अवगत कराएं'।
गौरतलब है कि राजा स्टैडिंग कमेटी की बैठक में मौजूद थे जिसे गृह सचिव को संबोधित करना था,लेकिन वह उससे नदारद रहे। साथ ही गृह सचिव ने जो रिपोर्ट पेश करी उसके मुताबिक देश में सांप्रदायिक हिंसा की कोई बढ़ी घटना नहीं घटी।
वहीं महर्षि के साथ काम करने वाले अधिकारी के अनुसार वह इस बैठक में नहीं पहुंचे क्योंकि उन्हे कैबिनेट बैठक में शिरकत करनी थी। साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा जैसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार है न की केंद्र।