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हेडली को फांसी न दिए जाने से भारत निराश

Fri, 25 Jan 2013 12:17 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Fri, 25 Jan 2013 12:17 PM IST
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india disappointed at not awarding death penalty to devid headley

लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी और मुंबई हमलों के दोषी डेविड हेडली का फांसी की सजा न दिए जाने पर भारत ने निराशा जाहिर की है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि हेडली को मिली कम सजा से वे निराश हैं। उन्होंने कहा ये मामला भारत में चलता तो उसे और भी कड़ी सजा मिल सकती थी। उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि हेडली को भारत लाकर यहां मुकदमा चलाया जाए, अगर ऐसा होता तो उसे और कड़ी सजा मिलती। 

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गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि भारत लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी डेविड हेडली के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका पर दबाव डालता रहेगा। आरके सिंह ने कहा है कि भारत अमेरिका से हेडली की मांग करता रहेगा। उन्होंने कहा की हेडली से मुंबई हमलों का आरोपी है और इस मामले में उससे पूछताछ की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हेडली का मुंबई हमले के आरोप में फांसी की सजा दी जानी चाहिए थी।
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गौरतलब है कि भारत को उम्मीद थी कि अमेरिकी प्रशासन उसे हेडली के सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ की अनुमति दे देगा। भारत ने हेडली की पत्नी शाजिया गिलानी, उसकी प्रेमिका पोर्शिया पीटर और एक अन्य महिला मित्र से पूछताछ की इजाजत भी मांगी थी, लेकिन अमेरिका ने अभी तक उसकी यह मांग नहीं मानी। अमेरिका हेडली के प्रत्यर्पण की बात से इनकार कर चुका है क्योंकि हेडली वहां एक करार कर वादा माफ गवाह बन गया है। हेडली ने 26/11 के मुंबई हमले के लिए रेकी की थी।
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वहीं गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका जल्द ही तहव्वुर राणा से पूछताछ करने की इजाजत भारत को दे सकता है। इस बारे में अमेरिका को औपचारिक आग्रह पत्र भेजा गया था, जिस पर उसने सकारात्मक रुख जाहिर किया है। मालूम हो कि भारतीय जांचकर्ता हेडली से पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन उन्हें राणा से पूछताछ करने का मौका अब तक नहीं मिल पाया है।

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