पहली बार चीन की सीमा पर तैनात होंगी भारत की जांबाज बेटियां
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पहली बार आईटीबीपी भारत-चीन सीमा से लगते ऊंचाई वाली जगहों पर बनी चौकियों पर महिला कर्मियों को जंग के कार्य में तैनात करेगा।
इस कार्य के लिए आईटीबीपी 500 महिला कांस्टेबलों के विशेष दस्ते को ट्रेनिंग दे रहा है और इन महिला कांस्टेबल के अगले साल की शुरुआत में सीमा पर अपनी जिम्मेदारी संभाल लेने की उम्मीद है।
सुरक्षा बल के 54वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के डायरेक्टर जनरल कृष्ण चौधरी ने कहा कि यह पहली बार है जब हम जंग की भूमिका के लिए सीमा पर महिला कर्मियों को तैनात करने जा रहे हैं।
हमारा लक्ष्य है कि महिलाएं भी इस सुरक्षा बल में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। उन्होंने कहा कि हम इन स्थानों पर उनके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं और वे जल्द ही काम संभाल लेंगी। एक अन्य बड़े कदम के तहत 60 हजार जवानों वाली आईटीबीपी में पहली बार महिला अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
आईटीबीपी 500 महिला कांस्टेबलों को दे रहा है ट्रेनिंग
चौधरी ने बताया कि आईटीबीपी ने सहायक कमांडेंट (एसी) के एंट्री रैंक में महिला अधिकारियों को भर्ती करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को अनुरोध भेजा है।
उन्होंने कहा कि हम बल में अधिक से अधिक महिलाओं को भर्ती करना चाह रहे हैं। हम उन्हें अधिकारी रैंक पर चाहते हैं ताकि वे हमारी बटालियनों का नेतृत्व कर सकें। बल में पहले से शामिल महिला कर्मी अच्छा काम कर रही है और यह सकारात्मक संकेत है।
आईटीबीपी ही ऐसा था जिसमें महिलाएं क्लास ए आफिसर रैंक नहीं पहुंची जबकि सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी में महिला यहां तक पहुंच चुकी हैं।
महिलाओं के पहले दस्ते की तैनाती लद्दाख में की जाएगी
अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के पहले दस्ते की तैनाती जम्मू-कश्मीर के लद्दाख सेक्टर में की जाएगी। यहां 8000 फीट और उससे अधिक की ऊंचाई पर आईटीबीपी के जवान तैनात हैं।
चौधरी ने कहा कि हमने इन महिलाओं के लिए कोई खास काम नहीं चुना है। ये पुरुष जवानों की तरह ही अच्छी है और वे किसी भी कार्य को अंजाम दे सकती हैं।
आईटीबीपी में विभिन्न रैंकों और ब्रांचों में 1661 महिला कर्मी हैं। इनमें से 1033 कांस्टेबल रैंक पर हैं। आईटीबीपी की महिला कांस्टेबलों को अभी तक तनावग्रस्त क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम के लिए तैनात किया जाता रहा है।
साथ ही चौधरी ने बताया कि चीन से लगती सीमा पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने के उद्देश्य से आईटीबीपी 50 से अधिक नई चौकियां बनाएगी। साथ ही इस संवेदनशील सीमा से लगते क्षेत्र में करीब 8000 सैनिकों की तैनाती भी की जाएगी।