विकास दर में अगले साल चीन को पछाड़ देगा भारत
आईएमएफ ने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक सुधार से उम्मीद जगी है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कैसे होता है यह अधिक महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट में दोनों देशों की विकास दर की तुलना करते हुए कहा गया है कि 2014 में भारत की विकास दर 5.8 फीसदी थी जबकि चीन की विकास दर 7.4 फीसदी थी।
इससे पहले 2013 में भारत में यह 5 फीसदी थी तो चीन की विकास दर 7.8 फीसदी थी। 2015 में भारत की विकास दर 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है जो कि 2016 में बढ़कर 6.5 फीसदी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि अगले साल भारत विकास दर में चीन से आगे हो जाएगा।
आईएमएफ की शोध शाखा में उप निदेशक ग्यान मारिया ने मोदी सरकार के आर्थिक सुधार पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उनका मानना है कि नई सरकार की सुधार योजनाएं आशाजनक है, बस देखना है कि वह इनका क्रियान्वयन किस प्रकार किया जाता है।
चीन की 6.3 तो भारत की 6.5 फीसदी रहने का अनुमान
रिपोर्ट में कमतर बाह्य मांग की भरपाई कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से व्यापार को मिलने वाला बढ़ावा और नीतिगत सुधार के बाद औद्योगिक एवं निवेश गतिविधियों में आई तेजी को महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं वैश्विक विकास में तेल की गिरती कीमतों आर्थिक विकास के लिए उपयोगी बताया गया है।
24 साल में चीन की विकास दर सबसे कम
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की विकास दर 2014 में 7.4 फीसदी रही जो लक्ष्य के मुकाबले कम है और यह 24 साल का न्यूनतम स्तर है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में नरमी बरकरार रहने की चिंता के बीच यह आंकड़ा जारी हुआ है।
7.4 फीसदी की यह विकास दर, चीन के आधिकारिक लक्ष्य 7.5 फीसदी के मुकाबले थोड़ा कम है। चीन सरकार की ओर से कहा गया है कि आवास क्षेत्र में नरमी, घरेलू मांग में कमी और कमजोर वैश्विक सुधार से निपटते हुए इसे पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।