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सीमा विवाद को संबंधों में रोड़ा नहीं बनने देंगे भारत-चीन

Sun, 12 May 2013 01:10 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 12 May 2013 01:10 AM IST
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india china working on border cooperation agreement says khurshid

भारत का मानना है कि चीन के साथ मौजूदा सीमा विवाद दोनों देशों के संबंधों में रोड़ा नहीं बनना चाहिए।

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लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ पर हुई तनातनी के बाद चीन की दो दिवसीय यात्रा से लौटे विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर उभरे विवाद को लेकर चीन के विदेश मंत्री के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है।

विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि इस महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग की भारत यात्रा और कुछ महीनों बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के चीन यात्रा के दौरान कई अहम समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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खुर्शीद ने चीन के साथ संबंधों के प्रति आशावादी नजरिया जताते हुए कहा कि भारत ने नए बॉर्डर डिफेंस कोआपरेशन एग्रीमेंट (बीडीसीए) प्रस्ताव की शक्ल में सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के कई उपाय सुझाए हैं। इसकी प्रतिक्रिया में चीन ने भी अपने तर्कसंगत विचार रखे हैं।
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खुर्शीद के मुताबिक अब चीन भी इस बात का पक्षधर है कि सीमा विवाद से चलते दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों पर आंच नहीं आनी चाहिए। चीन ने भरोसा दिलाया है कि केचियांग की यात्रा तक इस सुझावों पर दोनों देश अंतिम फैसला ले लेंगे।

खुर्शीद के मुताबिक वर्ष 1954 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक ही साल के भीतर एक दूसरे के मेहमान बनेंगे।

विदेश मंत्री ने साफ किया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश हाल की घुसपैठ की वजहों और कारणों का पोस्टमार्टम नहीं कर मौजूदा नियमों में बदलाव पर राजी हुए। चीन ने सीमा विवाद को लेकर पहली बार संवेदनशील और नरम रुख अपनाया है।


नदियों के मुद्दे पर भी रुख लचीला
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के अनुसार चीन ने पहली बार सीमा पार करने वाली नदियों के मुद्दे को हल करने के लिए भारत की उस मांग पर संवेदनशीलता दिखाई है, जिसमें ऐसे मुद्दों को हल करने के लिए तंत्र विकसित करने की बात कही गई।

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