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अजूबे से कम नहीं चेनाब पर बनने वाला रेलवे ब्रिज
नवनीत शरण/नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Feb 2013 10:15 AM IST
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चेनाब नदी पर बनने वाला पुल किसी अजूबे से कम नहीं होगा। यह पेरिस के एफिल टॉवर की ऊंचाई को भी पीछे छोड़ विश्व में नया कीर्तिमान बनाएगा। दिल्ली की कुतुब मीनार से पांच गुना ऊंचा रेलवे का यह प्रोजेक्ट विश्व में अपनी धमक बनाने के लिए तैयार हो रहा है। जम्मू के सबसे पुराने जिले रियासी के पास इसे तैयार किया जा रहा है।
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देश-विदेश की नई तकनीक से तैयार होने वाला ब्रिज रियासी को भी अलग रूप दे देगा। इस ब्रिज को बनाने से पहले रेलवे ने पहाड़ी इलाके में करीब ढाई सौ किलोमीटर सड़क निर्माण भी किया है। जम्मू के कौरी और भक्कल गांव के बीच सलाई डैम के ऊपरी छोर और चेनाब नदी पर इस पुल का निर्माण किया जा रहा है। आर्टिस्ट इंप्रेशन को अगर आप देखें तो इसका लुक स्काई ब्रिज की तरह है जो 359 मीटर यानी करीब आधा किलोमीटर नदी के तल से ऊंचा है और 1315 मीटर लंबा।
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कश्मीर घाटी के लिए रेल सुविधा को ध्यान में रख करीब 73 किलोमीटर लंबे कटरा-धरम सेक्शन में इस परियोजना पर काम चल रहा है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के वीके गुप्ता के अनुसार 2016 दिसंबर तक इसे तैयार कर लिया जाएगा। इसके बनने के बाद इलाके की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी।
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यूएसबीआरएल के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर बीडी गर्ग के अनुसार इस पुल को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि अगर तूफानी हवा 225 किलोमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से भी चलती है तो ट्रेन के संचालन में कोई असर नहीं पड़ेगा। बर्फबारी के मौसम में भी इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेन ट्रिप नहीं होगी। 18 कोच की ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सरपट दौड़ेगी।
उन्होंने बताया कि ब्रिज की उम्र 120 साल से भी अधिक होगी। यह बारामूला को ऊधमपुर, कटरा, काजीकुंद के रास्ते जम्मू को जोड़ेगा। गौरतलब है कि इस रास्ते को तय करने में अभी 13 घंटे लग जाते हैं। इस ब्रिज के निर्माण से महज छह घंटे में दूरी तय की जा सकेगी।