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भारत नाराज, आतंकवाद पर पाक को घेरने की तैयारी

Thu, 11 Feb 2016 09:07 AM IST
Updated Thu, 11 Feb 2016 09:07 AM IST
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India angry over talks between Basit and Gilani

भारत को पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित की कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात नागवार तो गुजरी है, मगर वह इसे फिलहाल तूल देने के मूड में नहीं है।

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भारत का सारा ध्यान पठानकोट और मुंबई आतंकी हमला मामले में कूटनीतिक पहल के जरिए पाकिस्तान की पेंच कसने की है। खासतौर पर मुंबई हमला मामले में जिस प्रकार आतंकी डेविड हेडली ने अदालत में बयान दर्ज करा कर पाकिस्तान को घेरा है, उससे भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर देशों का साथ मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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चूंकि हेडली ने अमेरिका की जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुंबई हमला मामले में पाकिस्तान के शामिल होने के भारत के आरोपों की पुष्टि की है, इसलिए कूटनीतिक रणनीतिकारों को लगता है कि इस बार पाकिस्तान पर इस हमले में शामिल आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का चौतरफा वैश्विक दबाव पड़ेगा।
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गिलानी से मिलकर नया विवाद खड़ा करने में पाक

India angry over talks between Basit and Gilani

भारत को लगता है कि आतंकवाद पर बुरी तरह घिरा पाकिस्तान गिलानी से मुलाकात कर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश में है। जिससे दुनिया का ध्यान पठानकोट और मुंबई हमला मामले से हट जाए।

वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीख तय करने की दिशा में लगातार हो रही बातचीत के बीच बासित और गिलानी की मुलाकात संभवत: भारत को भड़काने की कोशिश है। हालांकि भारत का ध्यान फिलहाल इस मुलाकात के इतर हेडली की स्वीकारोक्ति और पठानकोट हमला मामले में वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को घेरने और उस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव डलवाने पर है।

कूटनीतिक रणनीतिकार मुंबई की विशेष अदालत में जारी हेडली के बयान पर न केवल बारिकी से निगाह रख रहे हैं, बल्कि इन बयानों के जरिए पाकिस्तान को घेरने की मजबूत रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। सरकारी सूत्र के मुताबिक पेरिस पर आतंकी हमले के बाद दुनिया के ताकतवर देशों में आतंकवाद के खिलाफ एका का भाव जागा था।

पेरिस के बाद पठानकोट हमले के बाद ताकतवर देशों ने पाकिस्तान पर पहली बार कार्रवाई के लिए एकजुट दबाव डाला। ऐसे में हेडली की स्वीकारोक्ति के बाद पाकिस्तान कूटनीतिक मोर्चे पर बैकफुट पर है। हेडली की गवाही प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत मुंबई हमला मामले में न केवल पाकिस्तान पर सीधा कूटनीतिक हमला बोलेगा, बल्कि दुनिया के देशों में उसे अलग-थलग करने की मुहिम भी छेड़ेगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता की नई तारीख फिलहाल तय होना बेहद मुश्किल है।

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