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अब थाईलैंड में ठिकाना नहीं बना सकेंगे देश के दुश्मन

Fri, 31 May 2013 12:08 AM IST
बैंकाक से उदय कुमार
बैंकाक से उदय कुमार Updated Fri, 31 May 2013 12:08 AM IST
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india and thailand sign extradition treaty

भारत में वारदात को अंजाम देकर बैंकाक के खूबसूरत समुद्री तटों पर ठिकाना बनाना देश के दुश्मनों के लिए अब आसान नहीं होगा।

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प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और थाईलैंड की पीएम यिंगलुक शिनवात्रा की मौजूदगी में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और थाई उप प्रधानमंत्री सुरापांग तोवीचकचैलकुल ने बृहस्पतिवार को बहुप्रतीक्षित प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करके दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधों के नए युग की शुरुआत कर दी।

दोनों देश आतंकी फंडिंग रोकने और मनी लांडरिंग पर रोक लगाने के लिए खुफिया सूचना साझा करने पर भी सहमत हो गए।

जापान से देश में रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के रास्ते खोलने के बाद बृहस्पतिवार को जब प्रधानमंत्री बैंकाक पहुंचे तो आसमान पर छाए बादलों ने उनका स्वागत किया।
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हवाई अड्डे पर थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री (कृषि और सहकारिता) युकोल लिमलामथांग और उनकी पत्नी के अलावा सूचना मंत्री अनुदिथ नाकोर्नथाप भी मनमोहन सिंह का स्वागत करने को मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री जैसे ही शिखर वार्ता के लिए थाई समकक्ष के आवास की ओर निकले बैंकाक में भारी बारिश शुरू हो गई। इस सुहाने मौसम में दोनों देशों के बीच सात संधियों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

करीब बीस साल से किसी न किसी मुद्दे पर अवरोध के चलते लटकी प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर होने की खुशी मनमोहन सिंह को इस कदर हुई कि मीडिया से बातचीत और शिनवात्रा के भोज तक वह इसी का गुणगान करते रहे।

उन्होंने बताया कि अब भारत में आतंकी घटनाओं में वांछित, भगोड़े और आर्थिक घोटाले करके भागने वालों को आसानी से पकड़कर अदालत तक लाया जा सकेगा। शिखर वार्ता के दौरान मनमोहन सिंह और शिनवात्रा का जोर आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ने पर रहा।

भारत ने मुन्ना झींगाड़ा को मांगा
मनमोहन सिंह ने थाईलैंड से प्रत्यर्पण की संधि होते ही बैंकाक की जेल में फर्जी नाम और पाकिस्तानी पहचान पर बंद मुंबई पुलिस के मोस्ट वांटेड सैय्यद मुजाकिर मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झींगाड़ा को मांग लिया है।

भारत सरकार ने उसके मुंबई में कई अपराधों में शामिल होने और भारतीय होने के सबूत दे दिए तो थाई प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनवात्रा ने मनमोहन सिंह को उसके प्रत्यर्पण का भरोसा दिलाया है।


मुन्ना झींगाड़ा पर बैंकाक में तीन साल पहले छोटा राजन पर हमले का आरोप है। वह दाऊद गिरोह का शार्प शूटर है। पाकिस्तान मुन्ना को अपना नागरिक बता रहा है जबकि भारत ने फिंगर प्रिंट समेत तमाम सबूत सौंपकर उसके प्रत्यर्पण की मांग की है।

भारत-थाईलैंड में हुए सात समझौते:

-एक देश में वांछित अपराधियों को दूसरे देश से वापस लाने के लिए हुई प्रत्यर्पण संधि।
-आतंकी फंडिंग और मनी लांडरिंग की खुफिया सूचनाएं साझा करने पर सहमति।
-दोनों देशों में साझेदारी बढ़ाने को भारत-थाईलैंड एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए एमओयू।
-जियो इंफामेर्टिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी के विकास पर दोनों देशों की एजेंसियों में समझौता।
-शहर और कृषि क्षेत्र की मैपिंग को थाईलैंड के एटलस संगठन से स्पेस डेवलेपमेंट एजेंसी का एमओयू।
-आईसीसीआर से थामासेट यूनिवर्सिर्टी में भारतीय भाषाओं के लिए हिंदी चेयर बनेगी।
-सजायाफ्ता कैदियों को उनके ही देश की जेलों में सजा पूरी करने के लिए भेजने के समझौते पर मुहर।

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