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भारत की जासूसी क्यों कर रहा है ये देश
नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Sep 2013 03:14 PM IST
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अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी(एनएसए) उभरते हुए देशों में सबसे ज्यादा जासूसी भारत की करवा रहा है।
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भारत के साथ-साथ ब्रिक्स देश चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की भी जासूरी करवाई जा रही है।
अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी एनएसए जिन देशों के इंटरनेट और फोन रिकॉर्ड इकट्ठा कर रही है, उनमें पहले नंबर भारत का है।
एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने द हिंदू को इस बाबत खुफिया दस्तावेज मुहैया कराएं हैं। भारत की टेलीफोन और इंटरनेट डाटा इकट्ठा करने के लिए एनएसए ने अपने दो कार्यक्रमों का सहारा लिया है।
इसमें से एक प्रमुख कार्यक्रम प्रिज्म है। प्रिज्म कार्यक्रम के जरिए एनएसए सोशल नेटवर्किंग साइट से खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रही थी। प्रिज्म कार्यक्रम के जरिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक, याहू, एप्पल, यूट्यूब सहित कई जगह से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी जानकारी इकट्ठा कर रही है।
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द हिंदू ने इस बाबत जब अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता से सवाल पूछा कि एक मित्र देश की इस तरह की जासूसी की क्या जरूरत पड़ गई। तो इस बाबत अमेरिकी सरकार के खुफिया निदेशालय ने कहा कि हम सार्वजानिक तौर पर इस बात का जबाव देने नहीं जा रहे हैं। यह हमारी खुफिया नीति का एक हिस्सा है।
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एनएसए के सिर्फ एक माह के दौरान ही भारत के टेलीफोन कॉल के 13.5 अरब नमूनों को लिया है।