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आज से और बढ़ी महंगाई, लगेगा जोर का झटका

Mon, 01 Jun 2015 01:03 PM IST
Updated Mon, 01 Jun 2015 01:03 PM IST
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Increased rate of service tax inflation growth from Today.

सोमवार से जेब कुछ ज्यादा ही खाली करने के लिए तैयार रहिए क्योंकि इसी दिन से सरकार सर्विस टैक्स का बढ़ी हुई दरें वसूल रही है।

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अब वातानुकूलित रेस्तरां में खाना-पीना, कैब में यात्रा करना, बीमा की पॉलिसी खरीदना, हवाई जहाज से यात्रा करना और रेलगाड़ियों की वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा करना महंगा हो जाएगा।

थियेटर में मूवी देखना, फोन का बिल, मकान खरीदना, विज्ञापन करवाना, आर्किटेक्ट, कंस्ट्रक्शन, इवेंट मैनेजमेंट, कैटरर, टूर ऑपरेटर, विदेशी मुद्रा विनिमय आदि की सेवा लेना भी महंगा हो रहा है।
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दरअसल सरकार ने सर्विस टैक्स की दरों को 12.36 फीसदी से बढ़ा कर 14 फीसदी करने का फैसला किया है।

रेस्तरां में खाना, फोन का बिल महंगा

Increased rate of service tax inflation growth from Today.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस वर्ष के बजट प्रस्तावों में इसे शामिल किया था लेकिन इसे एक अप्रैल 2015 से लागू नहीं किया था। इसे 1 जून 2015 से लागू किया जा रहा है।

सर्विस टैक्स में अभी तक जो व्यवस्था लागू थी, उसके मुताबिक 12 फीसदी के सर्विस टैक्स पर एजुकेशन सेस, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन सेस भी लगता था जो कि कुल मिला कर 12.36 फीसदी बैठता था। इस वर्ष के बजट में सर्विस टैक्स में ही दोनों सेस को मिला दिया गया और इसकी दर बढ़ा कर 14 फीसदी कर दी गई है।

सर्विस टैक्स की बोझ बढ़ने को असर तो सब जगह दिखेगा लेकिन इससे सबसे ज्यादा असर रेस्तरां में अक्सर खाने-पीने वाले और रेलगाड़ियों के वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा करने वालों पर दिखेगा।

रेलवे में माल ढुलाई भी हुई महंगी

Increased rate of service tax inflation growth from Today.

यूं तो रेल यात्रा में 70 फीसदी हिस्से पर अबेटमेंट है इसलिए 12.36 फीसदी में इस पर 3.7 फीसदी का सर्विस टैक्स था जो कि अब बढ़ कर 4.2 फीसदी हो गया है। यही नहीं, रेलगाड़ियों से माल ढुलाई भी महंगी हो गई।

विमान यात्रा भी इसके चपेट में आ रहा है। अभी तक घरेलू उड़ानों पर सेवा कर की दर 0.6 फीसदी थी जो कि 0.7 फीसदी हो जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर अभी तक 1.2 फीसदी का सर्विस टैक्स था जो कि अब 1.4 फीसदी हो गया। बीमा पालिसियों के पहले वर्ष में अभी तक सर्विस टैक्स की दर 3 फीसदी थी जो कि अब 3.5 फीसदी हो गई।

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बजट में था सर्विस टैक्स में इजाफे का ऐलान

Increased rate of service tax inflation growth from Today.

वर्ष 1994 में महज तीन सेवाओं से शुरू किए गए सर्विस टैक्स प्रणाली में अब निगेटिव लिस्ट जारी किया जा चुका है। मतलब इसमें शामिल कुछ सेवाओं को छोड़ कर सभी पर यह टैक्स लग रहा है।

उस समय इसकी दर 5 फीसदी थी जो अभी 14 फीसदी हो गई है। 1994-95 में इससे महज 407 करोड़ रुपये आए थे जो कि वर्ष 2014-15 में 2.09 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। चालू वर्ष में तो इसमें 30 फीसदी की बढ़ोतरी का लक्ष्य है।

क्या है नया हिसाब
सर्विस टैक्स की पुरानी व्यवस्था के मुताबिक मुताबिक 12 फीसदी के सर्विस टैक्स पर एजुकेशन सेस, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन सेस भी लगता था जो कि कुल मिला कर 12.36 फीसदी बैठता था। इस वर्ष के बजट में सर्विस टैक्स में ही दोनों सेस को मिला दिया गया और इसकी दर बढ़ा कर 14 फीसदी कर दी गई है।

इन पर पड़ेगा ज्यादा असर
सर्विस टैक्स की बोझ बढ़ने को असर तो सब जगह दिखेगा लेकिन इससे सबसे ज्यादा असर रेस्तरां में अक्सर खाने-पीने वाले और रेलगाड़ियों के वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा करने वालों पर दिखेगा

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